
Sunjay Kapur Property Dispute (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Fake Family Trust: दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनकी अरबों की संपत्ति और प्रसिद्ध ऑटो कंपनी सोना कॉमस्टार के मालिकाना हक को लेकर छिड़ी कानूनी जंग और उलझती जा रही है। इस विवाद में अब नया मोड़ आया है, क्योंकि दिल्ली हाई कोर्ट ने संजय कपूर की मां रानी कपूर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई 29 जनवरी तक के लिए टाल दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस विकास महाजन ने खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया है, जिसके बाद अब गुरुवार को नई बेंच इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुनेगी।
रानी कपूर ने अपनी बहू प्रिया कपूर और अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों (समीरा और कियान) के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रिया और करिश्मा के बच्चों ने गैर-कानूनी तरीके से पूरी संपत्ति हड़पने के लिए एक धोखाधड़ी वाला फर्जी फैमिली ट्रस्ट बनाया है। रानी कपूर का दावा है कि बेटे के निधन के समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने उनसे कई कानूनी कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए थे।
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संपत्ति की इस लड़ाई में परिवार के तीन धड़े आमने-सामने हैं। करिश्मा कपूर का आरोप है कि प्रिया कपूर ने कोर्ट में नकली वसीयत पेश की है ताकि उन्हें और उनके बच्चों को जायज हक से वंचित रखा जा सके। दूसरी ओर, प्रिया कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर करिश्मा और संजय के तलाक के समझौतों की प्रतियां मांगी हैं। कोर्ट ने इस संबंध में करिश्मा कपूर को नोटिस जारी कर दो हफ्तों में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
यह विवाद केवल वसीयत और ट्रस्ट तक सीमित नहीं रह गया है। प्रिया कपूर ने संजय कपूर की बहन पर भी मानहानि का मुकदमा दायर किया है, जिससे यह साफ है कि सुलह की गुंजाइश फिलहाल नजर नहीं आ रही है। भारत की शीर्ष ऑटो कंपोनेंट कंपनियों में शुमार सोना कॉमस्टार के भविष्य पर भी इस विवाद का असर पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें 29 जनवरी को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ कोर्ट फर्जी ट्रस्ट को भंग करने की मांग पर विचार करेगा।






