'वासेपुर' के बाद मजबूरी में डबल-मीनिंग जोक वाली फिल्म के लिए कहा हां, ऋचा चड्ढा का छलका दर्द

Richa Chadha: एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने 15वें IFP में बताया कि 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद मजबूरी में उन्होंने डबल-मीनिंग जोक वाली फिल्म के लिए 'हां' कहा था, लेकिन बाद में मना कर दिया।
'वासेपुर' के बाद मजबूरी में डबल-मीनिंग जोक वाली फिल्म के लिए कहा हां, ऋचा चड्ढा का छलका दर्द
ऋचा चड्ढा ने शेयर किया संघर्ष, डायरेक्टर ने कहा था- 'बूढ़ी औरत का रोल किया है, कोई तुम्हें कास्ट नहीं करेगा'
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Richa Chadha Gangs of Wasseypur: अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने हाल ही में 15वें इंडिया फिल्म प्रोजेक्ट (आईएफपी) में शिरकत की, जहां उन्होंने मनोरंजन जगत में अपने संघर्षों और मुश्किल फैसलों के बारे में बेबाकी से बात की। ऋचा ने बताया कि करियर में कई बार मजबूरी के कारण गलत फैसले लेने पड़ते हैं, खासकर जब आप स्टारकिड नहीं होते हैं।

ऋचा चड्ढा ने कहा कि इंडस्ट्री में सफलता का रास्ता कभी सीधा नहीं होता है। कभी रोल अच्छा होता है तो पैसे कम मिलते हैं, और कभी कम पैसे में पसंदीदा डायरेक्टर के साथ काम करने का अवसर मिल जाता है, जहाँ आपको लगता है कि "यार, इनके साथ तो काम करना बनता है।"

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बाद मजबूरी में 'हां' कहा

ऋचा ने अपनी फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' (2011-12) के बाद का एक किस्सा सुनाया, जब वह आर्थिक रूप से परेशान चल रही थीं। उन्होंने बताया, "जब मैंने 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की थी, तो उस दौरान मैं बहुत परेशान चल रही थी, तो एक डायरेक्टर ने मुझसे कहा कि तुमने एक बूढ़ी औरत का रोल किया है, कोई तुम्हें कास्ट नहीं करेगा, इसलिए ये करो।"

डायरेक्टर ने उन्हें बिकिनी पहनने जैसे रोल करने को कहा। ऋचा ने मजबूरी में इस रोल के लिए 'हां' कह दिया, जो कि उन डबल-मीनिंग जोक वाली फिल्मों में से एक था।

'ना' कहने की ताकत और रोल से मना करना

अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने उस किरदार के लिए डायरेक्टर से एडवांस में पैसे भी ले लिए थे, लेकिन बाद में किसी ने उन्हें समझाया कि 'वासेपुर' जैसी सफल फिल्म के बाद इस तरह के रोल उनके करियर के लिए ठीक नहीं हैं।

ऋचा ने तुरंत उस रोल को मना कर दिया और डायरेक्टर के पैसे भी वापस कर दिए। उन्होंने कहा, "मुझे भी रोल कुछ समझ में नहीं आ रहा था, तो मैंने इसके लिए मना कर दिया और उनके रुपए भी वापस कर दिए थे।"

इस घटना से उन्हें एक बड़ा सबक मिला। ऋचा ने कहा, "उस दिन मुझे समझ में आया कि ‘ना’ कहने की ताकत कितनी बड़ी होती है। अगर वो फिल्म कर लेती तो शायद आज मैं यहाँ नहीं होती।"

संजय लीला भंसाली की तारीफ

ऋचा चड्ढा ने बातचीत के दौरान मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "वो मुझे सबसे मजेदार और दमदार निर्देशक लगते हैं, उनकी फिल्मों के फ्रेम बहुत खूबसूरत होते हैं।" ऋचा ने यह भी कहा कि अगर फिल्म जगत में सबको बराबर मौका दिया जाए और काबिलियत को पहचाना जाए, तो वह आखिरकार जरूर रंग लाती है।

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