'मर्दानी 3' की रिलीज पर रानी मुखर्जी का बड़ा बयान, 'महिला पुलिस अफसरों का संघर्ष असाधारण'

Mardaani 3 Release: रानी मुखर्जी की 'मर्दानी 3' आज रिलीज हो गई है। अभिनेत्री ने महिला पुलिस अधिकारियों के संघर्ष को सराहा और समाज में सुरक्षा के प्रति सकारात्मकता जताई।
Mardaani 3 Release Rani Mukerji
Mardaani 3 Release Rani Mukerji (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Mardaani 3 Release Rani Mukerji: बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हलचल के बीच रानी मुखर्जी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मर्दानी 3' आज, शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। 'बॉर्डर 2' के तूफान के सामने यह फिल्म महिला सशक्तिकरण की एक बुलंद आवाज बनकर उभरी है। फिल्म में रानी एक बार फिर अपने आइकोनिक किरदार शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में अपराधियों के छक्के छुड़ाती नजर आ रही हैं।

फिल्म की रिलीज के मौके पर रानी मुखर्जी ने दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों के साथ एक खास सत्र में हिस्सा लिया और वर्दी के प्रति अपने सम्मान व महिला पुलिसकर्मियों के संघर्ष पर खुलकर बात की।

"वर्दी पहनना मेरे लिए सौभाग्य की बात"

आईएएनएस (IANS) को दिए इंटरव्यू में रानी मुखर्जी ने साझा किया कि तीसरी बार पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा, "तीसरी बार पुलिस की वर्दी पहनना मेरे लिए बड़े सौभाग्य और सम्मान की बात है। महिला पुलिस अधिकारियों की जिंदगी बेहद कठिन होती है। वे हर दिन अपराध, डर और सामाजिक दबाव के बीच अपने कर्तव्यों को निभाती हैं। उनके संघर्ष और उनकी अनकही कहानियां वास्तव में असाधारण हैं।"

समाज में बदलाव और सुरक्षा पर चर्चा

सत्र के दौरान जब एक महिला पुलिसकर्मी ने पूछा कि क्या उन्हें इस बात पर गुस्सा आता है कि 2026 में भी फिल्मों के जरिए समाज को बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सिखानी पड़ रही है? इस पर रानी ने परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हताशा से ज्यादा जरूरी यह देखना है कि सुधार के लिए क्या हो रहा है। आज हमारे पास निर्भया स्क्वॉड और दामिनी स्क्वॉड जैसी समर्पित टीमें और हेल्पलाइन सेवाएं हैं। यह एक सकारात्मक पहल है जो सुनिश्चित करती है कि जरूरत पड़ने पर मदद तुरंत पहुंचेगी।"

वैश्विक चुनौती है महिलाओं की सुरक्षा

रानी ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की समस्या सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, "बदलाव एक दिन में नहीं आता, लेकिन सही दिशा में उठाए गए कदम समाज को सुरक्षित बनाते हैं। शिवानी शिवाजी रॉय के जरिए मैं दुनिया को यही दिखाना चाहती हूं कि भारतीय महिला अधिकारी किस तरह दिन-रात समाज की ढाल बनकर खड़ी रहती हैं।"