‘धुरंधर’ पर क्यों मचा बवाल? विवेक अग्निहोत्री ने किया बड़ा खुलासा, बोले- नैरेटिव कंट्रोल हाथ से...

Vivek Ranjan Agnihotri Statement: फिल्म ‘धुरंधर’ की आलोचना पर निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने बताया कि विवाद पुराने पैटर्न का आफ्टरशॉक है और इसे नैरेटिव कंट्रोल खिसकने का डर कहा जा सकता है।
Dhurandhar movie controversy
विवेक रंजन ने धुरंधर पर दी प्रतिक्रिया (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Dhurandhar Movie Controversy: बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है और अब तक 250 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है। रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, आर माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल जैसे सितारों से सजी यह स्पाई थ्रिलर दर्शकों को खूब भा रही है। लेकिन कुछ आलोचकों ने इसे ‘प्रोपेगेंडा’, ‘नेशनलिज्म’ और ‘एंटी-पाकिस्तान नैरेटिव’ वाली फिल्म बताकर विवादों में घेर दिया।

दरअसल, इस विवाद पर फिल्म निर्माता और निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इसे किसी नए विवाद के रूप में नहीं देखा और इसे पुराने पैटर्न का ‘आफ्टरशॉक’ बताया। उनके अनुसार, यही प्रतिक्रिया 2016 में आई उनकी फिल्म ‘बुद्धा इन ए ट्रैफिक जैम’ के समय भी हुई थी।

क्यों हो रहा है ‘धुरंधर’ का विरोध

विवेक रंजन का कहना है कि कुछ एलीट क्लास जिन्हें वह ‘नैरेटिव जमींदार’ कहते हैं, फिल्म और कहानी पर अपना लंबे समय का नियंत्रण खोते देख रहे हैं। ये जमींदार तय करते हैं कि कौन सी कहानी स्वीकार्य है और कौन सा नजरिया सुरक्षित है। ‘धुरंधर’ जैसी फिल्में, जो राष्ट्रवादी थीम पर आधारित हैं और रियल इवेंट्स जैसे कंधार हाइजैक और 26/11 से इंस्पायर हैं, इस पुराने नियंत्रण को चुनौती देती हैं।

अग्निहोत्री ने सिनेमा की ताकत पर की खुलकर बात

अग्निहोत्री आगे बताते हैं कि फिल्में राजनीति से भी ज्यादा प्रभावशाली होती हैं। राजनीति सरकारें बदलती हैं, लेकिन फिल्में लोगों की सोच और नजरिए को स्थायी रूप से बदल देती हैं। सिनेमा धीरे-धीरे चीजों को सामान्य बनाता है और भावनाओं और सामूहिक यादों को आकार देता है। जब यह प्रक्रिया एलीट कंट्रोल से बाहर होती है, तो उनके लिए यह अस्तित्व का सवाल बन जाता है।

इन जगहों पर बैन की गई है फिल्म

हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल है और जबरदस्त कलेक्शन कर रही है, लेकिन कुछ देशों में इसे विवाद का सामना करना पड़ा है। बहरीन, कुवैत और अन्य गल्फ देशों में फिल्म को बैन किया गया। इसके बावजूद, फिल्म ने दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है और इसे अब तक की सबसे चर्चित थ्रिलर्स में गिना जा रहा है। साथ ही अगर घरेलू बॉक्स ऑफिस फिल्म ऐसे ही कमाई करती रही, तो साल 2025 की रिलीज हुई कई बड़ी फिल्मों को पछाड़ सकती है।

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