AR Rahman: पिता के अपमान पर बेटियों का फूटा गुस्सा, खतीजा और रहीमा ने ट्रोलर्स को दिया मुंहतोड़ जवाब

Daughters On AR Rahman Controversy: एआर रहमान की बेटियों, खतीजा और रहीमा ने पिता के अपमान पर नाराजगी जताई है। उन्होंने ट्रोलर्स के खिलाफ कैलाश मेनन के पोस्ट को री-शेयर कर कड़ा संदेश दिया।
Daughters On AR Rahman Controversy
Daughters On AR Rahman Controversy (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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AR Rahman Controversy: ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान के 'सांप्रदायिक भावना' वाले हालिया बयान ने बॉलीवुड और सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। रहमान की सफाई के बावजूद आलोचनाओं का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है। इस बीच, संगीतकार की बेटियों, खतीजा और रहीमा रहमान ने अपने पिता के सम्मान में मोर्चा संभाल लिया है। पिता के खिलाफ हो रहे चरित्र हनन और 'हेट स्पीच' से आहत होकर दोनों बेटियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

खतीजा और रहीमा ने मलयालम म्यूजिक कंपोजर कैलाश मेनन के उस पोस्ट को साझा किया है, जिसमें रहमान को ट्रोल करने वालों को आईना दिखाया गया है। बेटियों का मानना है कि किसी की राय से असहमत होना एक बात है, लेकिन उनके दशकों के योगदान को नजरअंदाज कर उन्हें अपमानित करना कतई स्वीकार्य नहीं है।

"असहमत हों, पर अपमान न करें": कैलाश मेनन का पोस्ट वायरल

मलयालम कंपोजर कैलाश मेनन ने इंस्टाग्राम पर उन लोगों को जमकर कोसा जो रहमान को 'भारत के लिए शर्म' बता रहे थे। उन्होंने एक नफरत भरे कमेंट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, "रहमान ने वह बताया जो उन्होंने महसूस किया, और यह उनका अधिकार है। आप उनसे असहमत हो सकते हैं, लेकिन उन्हें अपना अनुभव साझा करने से नहीं रोक सकते। जो लोग उनके विश्वास पर सवाल उठा रहे हैं या उनके काम का मजाक उड़ा रहे हैं, वे आलोचना नहीं बल्कि नफरत फैला रहे हैं।"

बेटियों का भावुक समर्थन: खतीजा और रहीमा की प्रतिक्रिया

रहमान की बड़ी बेटी खतीजा रहमान ने कैलाश के पोस्ट पर 'ताली' और '100%' वाली इमोजी के साथ अपनी सहमति जताई। उन्होंने इस पोस्ट को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर री-शेयर करते हुए उन दोस्तों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इस मुश्किल समय में उनका हालचाल पूछा। वहीं, छोटी बेटी रहीमा रहमान ने भी पिता के समर्थन में इसी पोस्ट को साझा किया। बेटियों का यह कदम साफ दर्शाता है कि पिता के खिलाफ हो रही बयानबाजी ने परिवार को काफी गहरी चोट पहुंचाई है।

भारतीय संगीत को दुनिया तक ले जाने वाली आवाज

कैलाश मेनन ने अपने नोट में यह भी याद दिलाया कि रहमान कोई 'आम आवाज' नहीं हैं। उन्होंने लिखा कि रहमान ने भारतीय सिनेमा और संस्कृति को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया है। दशकों का योगदान सिर्फ एक व्यक्तिगत राय की वजह से खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि "बोलने की आजादी" रहमान पर भी उतनी ही लागू होती है जितनी उनके आलोचकों पर। नफरत और गाली-गलौज को राय का नाम देना गलत है।

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