क्योंकि सास भी कभी बहू थी की हुई अनुपमा की तुलना, भड़क गई एकता कपूर, कही ये बात

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi 2 Vs Anupamaa: एकता कपूर का शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 29 जुलाई से टेलीकास्ट हो रहा है, लेकिन इसकी तुलना अनुपमा से किए जाने पर एकता ने नाराजगी जताई है।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी की हुई अनुपमा की तुलना, भड़क गई एकता कपूर, कही ये बात
क्योंकि सास भी कभी बहू थी की हुई अनुपमा की तुलना
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Ekta Kapoor Reaction: टीवी इंडस्ट्री की क्वीन मानी जाने वाली एकता कपूर का शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' एक बार फिर छोटे पर्दे पर लौट रहा है। शो की वापसी को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन इस दौरान शो की तुलना 'अनुपमा' से होने लगी है, जो इन दिनों स्टार प्लस का नंबर 1 शो बना हुआ है। इसी तुलना पर अब एकता कपूर ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। हाल ही में एक इंटरव्यू में एकता कपूर ने इन अफवाहों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी जिसमें कहा जा रहा था कि 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की वापसी से अनुपमा को परेशानी हो सकती है।

एकता ने ब्रूट को दिए इंटरव्यू में कहा कि कल मैं कुछ वीडियो देख रही थी, जिनमें कहा जा रहा था कि अनुपमा को दिक्कत हो रही है हमारे शो से। मुझे ये सुनकर बहुत बुरा लगा। रुपाली गांगुली एक शानदार एक्ट्रेस हैं। अनुपमा के निर्माता राजन शाही ने पिछले सात सालों में वो कर दिखाया है जो कोई नहीं कर पाया। वे लगातार नंबर 1 पर हैं और आगे भी रहेंगे। एकता ने इस तरह की तुलना को गलत ठहराते हुए कहा कि हम किसी के मुकाबले में नहीं आए हैं, हम अपनी कहानी सुनाने आए हैं।

एकता ने कही ये बात

एकता ने आगे कहा कि इस तरह की अनुचित तुलना महिलाओं को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने जैसी है, जो सही नहीं है। दो महिला-प्रधान शोज के बीच प्रतियोगिता की बजाय, हमें एक-दूसरे की सराहना करनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि टीवी इंडस्ट्री में ऐसी सोच को बदलने की ज़रूरत है, जहां महिलाओं को एक-दूसरे के खिलाफ दिखाना मनोरंजन का हिस्सा माना जाता है।

कब होगा सीरियल का प्रसारण

एकता कपूर ने ये भी साफ किया कि दोनों शोज़ की अपनी पहचान और दर्शक वर्ग हैं, और किसी एक की सफलता दूसरे की विफलता नहीं बनती। बता दें कि 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' आज यानी 29 जुलाई रात से स्टार प्लस पर 10:30 बजे प्रसारित होगा। वहीं अनुपमा पहले से ही टॉप टीआरपी रेटिंग्स में बना हुआ है। एकता कपूर का यह बयान साफ करता है कि वे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में यकीन रखती हैं और महिलाओं को एक-दूसरे का सहयोगी मानती हैं, न कि प्रतिद्वंद्वी।

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