‘ड्रीम’ को किसी सीमा में नहीं बांधतीं अदा शर्मा, अच्छे रोल्स को मानती हैं असली लक्ष्य
Adah Sharma Career: अदा शर्मा खुद को किसी एक इमेज या जॉनर तक सीमित नहीं मानतीं। उनके लिए असली सपना अच्छे और दमदार किरदार निभाना है। अदा का मानना है कि तय सीमाएं रचनात्मकता को रोकती हैं।
Adah Sharma Dream: एक्ट्रेस अदा शर्मा उन कलाकारों में शुमार हैं, जिन्होंने खुद को कभी किसी एक इमेज या जॉनर तक सीमित नहीं रखा। एक्शन, हॉरर, ड्रामा, बोल्ड और इमोशनल किरदारों में सहजता से ढल जाने वाली अदा का मानना है कि सपनों को किसी दायरे में बांधना रचनात्मकता को सीमित कर देता है। वह न तो किसी खास डायरेक्टर के साथ काम करने का लक्ष्य बनाती हैं और न ही किसी तय फॉर्मूले के पीछे भागती हैं। उनके लिए सबसे जरूरी है एक अच्छा रोल और दमदार कहानी।
अदा शर्मा ने अपने करियर और सोच को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनका सपना बस इतना है कि उन्हें अच्छे किरदार निभाने को मिलें। अदा के मुताबिक, अगर कोई एक्टर यह तय कर ले कि वह सिर्फ कुछ चुनिंदा निर्देशकों या फिल्मों के साथ ही काम करेगा, तो वह खुद को एक दायरे में कैद कर लेता है। वह चाहती हैं कि उनका सफर स्वाभाविक तरीके से आगे बढ़े और यूनिवर्स तय करे कि उन्हें किसके साथ और क्या काम करना है।
अदा ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर उन्होंने पहले से यह सोच लिया होता कि वह सिर्फ बड़े और नामचीन निर्देशकों के साथ ही काम करेंगी, तो शायद ‘द केरल स्टोरी’ जैसी फिल्म उनके हिस्से में ही नहीं आती। यह फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की शुरुआती बड़ी फिल्मों में से एक थी और उस वक्त अदा उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानती भी नहीं थीं। लेकिन फिल्म की कहानी और किरदार ने उन्हें आकर्षित किया और वही उनके फैसले की वजह बना।
अदा शर्मा का मानना है कि दर्शकों का उन्हें हर तरह के किरदार में स्वीकार करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने ‘1920’ में हॉरर रोल से लेकर ‘सनफ्लावर’ में बोल्ड बार डांसर, ‘द केरल स्टोरी’ में मासूम लड़की और ‘कमांडो’ में एक्शन अवतार तक, हर तरह के रोल निभाए। खास बात यह रही कि दर्शकों ने कभी यह सवाल नहीं उठाया कि वह एक जॉनर से दूसरे जॉनर में क्यों जा रही हैं। अदा के मुताबिक, एक अभिनेता के लिए इससे बड़ी खुशी कुछ और नहीं हो सकती।