महाराष्ट्र में किसानों का डेटा खतरे में! वडेट्टीवार का बड़ा खुलासा, क्या आपकी प्राइवेट जानकारी भी हुई चोरी?

Farmer ID Data Theft: महाराष्ट्र विधानसभा में विजय वडेट्टीवार ने निजी कंपनियों द्वारा बिना अनुमति 'किसान ID' बांटने और राज्य में गहराते गैस संकट पर सरकार को घेरा। इस पर कृषि मंत्री ने जवाब भी दिया।
Vijay Wadettiwar Assembly Speech
कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Vijay Wadettiwar Assembly Speech: महाराष्ट्र विधानसभा का माहौल आज उस समय गरमा गया जब विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने किसानों की निजता और राज्य में ईंधन की कमी को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र का 'बलिराजा' (किसान) इस समय दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ उसकी निजी जानकारी खतरे में है, तो दूसरी तरफ रसोई गैस के लिए हाहाकार मचा है।

डेटा की 'डिजिटल लूट' का आरोप

कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने सदन में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि राज्य में कई निजी कंपनियां बिना किसी सरकारी अनुमति के किसानों को 'किसान ID' बांट रही हैं। उन्होंने इसे "डेटा की सीधी लूट" करार दिया। विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह सिर्फ एक पहचान पत्र का मामला नहीं है। किसानों की बेहद संवेदनशील और निजी जानकारी अज्ञात कंपनियों के पास जा रही है। सरकार ने साइबर हैकिंग या डेटा चोरी रोकने के लिए कोई ठोस तंत्र नहीं बनाया है। आखिर इन कंपनियों के पास यह डेटा पहुंचा कैसे? उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए ताकि भविष्य में किसानों की जानकारी का दुरुपयोग न हो सके।

क्या बोले कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे?

कांग्रेस विधायक द्वारा उठाए गए सवाल पर जवाब देते हुए महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि सरकार द्वारा किसान आईडी कार्ड नहीं बांटा जा रहा है, और अगर ऐसा मामला सामने आता है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

होटल बंद, गैस के ब्लैक मार्केटिंग का डर

किसानों के मुद्दे के साथ-साथ वडेट्टीवार ने राज्य में जारी घरेलू गैस (LPG) की भारी किल्लत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश समेत महाराष्ट्र में गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है।

वडेट्टीवार ने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान जैसे देशों में युद्ध छिड़ने की वजह से इस समय देश के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी घरेलू गैस की भारी कमी है। आम नागरिकों में डर और चिंता का माहौल है, और गांवों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लग गई हैं। ऐसे में आज विधानसभा में मांग की गई कि राज्य सरकार तुरंत की स्थिति पर अपनी स्थिति साफ करे।

गैस की कमी की वजह से विधान भवन की कैंटीन से लेकर शहर और गांवों के 30% होटल बंद हैं। इससे महाराष्ट्र के रेवेन्यू को भारी नुकसान होगा। गैस की कमी की वजह से ब्लैक मार्केट बढ़ने का डर है, और यह कानून-व्यवस्था के लिहाज़ से भी एक बड़ी चुनौती है। हम मांग करते हैं कि सरकार इस बारे में लोगों को मौजूदा स्थिति बताए।

Navbharat Live
navbharatlive.com