शिवसेना का नाम, चुनावचिह्न मातोश्री से नहीं छीना जा सकता, जनता को चाहिए शिक्षित उम्मीदवार नाकि दलबदलू बोले वरुण सरदेसाई

शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्य के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे के ममेरे भाई सरदेसाई ने कहा कि वह अपने प्रतिद्वंद्वियों पर ध्यान देने के बजाय लोगों के सामने विकास का अपना दृष्टिकोण पेश करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
दल बदलने वालों को नहीं शिक्षित उम्मीदवारों को चुनेंगे मतदाता।
वरुण सरदेसाई (सौजन्य-एक्स)
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मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अब बेहद नजदीक आ गया है और राजनीतिक दलों का प्रचार भी जोरो-शोरो से शुरू हो चुका है। इस बीच शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के सचिव वरुण सरदेसाई ने कहा कि जनता शिक्षित उम्मीदवार को चुनेगी।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पहली बार किस्मत आजमा रहे शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) के सचिव वरुण सरदेसाई ने कहा कि वह मुंबई की बांद्रा पूर्व सीट पर बड़े अंतर से जीत हासिल करेंगे क्योंकि उनका मानना है कि लोग दल बदलने वालों के बजाय शिक्षित उम्मीदवार को चुनेंगे।

शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्य के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे के ममेरे भाई सरदेसाई ने ‘पीटीआई-भाषा' से साक्षात्कार के दौरान कहा कि वह अपने प्रतिद्वंद्वियों पर ध्यान देने के बजाय लोगों के सामने विकास का अपना दृष्टिकोण पेश करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

दल बदलकर किया विश्वासघात

अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके सरदेसाई का मानना है कि जिन विधायकों ने पाला बदलकर अपनी पार्टियों के साथ विश्वासघात किया, उन्हें 20 नवंबर को होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में मतदाता सबक सिखाएंगे।

शिवसेना (यूबीटी) ने सरदेसाई को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) उम्मीदवार एवं मौजूदा विधायक जीशान सिद्दीकी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तृप्ति सावंत के खिलाफ बांद्रा पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा है।

100 विधायकों ने बदला पाला

सरदेसाई ने कहा, ‘‘बांद्रा पूर्व सीट शिवसेना के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का आवास ‘मातोश्री' है, जहां हमारी पार्टी के प्रमुख उद्धव ठाकरे रहते हैं।'' उन्होंने कहा कि बांद्रा पूर्व के लिए कांग्रेस-शिवसेना (यूबीटी) गठबंधन अच्छा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पारंपरिक रूप से प्रतद्वंद्वी रहे हैं और पहली बार एक साथ चुनाव लड़ रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में करीब 100 विधायकों ने पाला बदला है और महाराष्ट्र की जनता ने अपने दलों को धोखा देने के कारण उन्हें छोड़ने का फैसला कर लिया है।

सरदेसाई ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘बी टीम' बताया, जिसका जन्म ‘‘बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न चुराने के लिए हुआ है।'' उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘लेकिन शिवसेना का नाम एवं चुनाव चिह्न ठाकरे और मातोश्री से नहीं छीना जा सकता।''

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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