

Vadodara Manjalpur Bypoll: गुजरात की वडोदरा स्थित मंजलपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। इतना ही नही बल्कि पार्टी ने इस महत्वपूर्ण सीट से सतीशभाई गोविंदभाई पटेल को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है। उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही मंजलपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
इसके अलावा भाजपा इस सीट को बरकरार रखने के उद्देश्य से पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी, जबकि विपक्ष भी मुकाबले को रोचक बनाने की तैयारी में जुट गया है।
मिली जानकारी के अनुसार भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने गुजरात में होने वाले विधानसभा उपचुनाव 2026 के लिए सतीश पटेल के नाम को मंजूरी दे दी गई है। इतना ही नही बल्कि पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई।
बता दें कि मंजलपुर विधानसभा सीट भाजपा विधायक योगेश पटेल के निधन के बाद जगह खाली हुई थी। इसके बाद इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होने जा रहा है। इसके अलावा पार्टी ने उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही मंजलपुर सीट पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा इस सीट को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।
सतीश पटेल के नाम की घोषणा के बाद क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं दूसरी ओर उम्मीदवार चयन को लेकर संघ की लॉबी की भूमिका की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में फैलती हुई नजर आ रही हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक वडोदरा की मंजलपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए मतदान होने वाला है। योगेश पटेल इस सीट से चुने गए थे, लेकिन 2 जून को उनका निधन हो गया था, जिसके बाद यह सीट खाली हुई थी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता योगेश पटेल ने इस सीट से तीन बार बड़े अंतर से जीत हासिल की थी और इतना ही नही वह अपने राजनीतिक करियर में गुजरात विधानसभा के लिए लगातार आठ बार चयनित हुए थे। इस लिए योगेश पटेल की मंजलपुर सीट पर मजबूत पकड़ थी और इसी लिए यह सीट उनकी पहचान से जुड़ी हुई मानी जाती थी।
भाजपा में लंबे समय से वरिष्ठ नेताओं को सक्रिय चुनावी राजनीति से धीरे-धीरे अलग करने की चर्चा होती रही है। इसके बावजूद पार्टी ने वर्ष 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में 77 वर्षीय योगेश पटेल पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें लगातार आठवीं बार मंजलपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था, और उन्होंने जीत भी दर्ज की थी।
अब इस उपचुनाव में भाजपा के सामने विपक्ष भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने की रणनीति बना रहा है। सभी प्रमुख दल सीट पर जीत हासिल करने के लिए जोरदार चुनाव प्रचार और मजबूत दावेदारी पेश करने की तैयारी में हैं।