

Flood in Delhi and Gujrat: राजधानी दिल्ली में जहां यमुना का जलस्तर कुछ हद तक कम हुआ है, वहीं गुजरात के सूरत, वडोदरा और भरूच में हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। पंजाब भी पिछले कई दिनों से बाढ़ का दंश झेल रहा है।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर शुक्रवार सुबह 207.31 मीटर दर्ज किया गया, जो गुरुवार के 207.48 मीटर के मुकाबले हल्की गिरावट दिखाता है। हालांकि, यह अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है और अगर बारिश नहीं होती, तो स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आ सकती है।
मयूर विहार और कश्मीरी गेट जैसे निचले इलाकों में पानी अब भी भरा हुआ है। कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे लोग बेघर हुए हैं। सड़कें जलमग्न हैं, गाड़ियों की आवाजाही ठप पड़ी है। कारोबार और दफ्तरों पर भी असर पड़ा है। ड्रोन से ली गई तस्वीरे दिखा रही हैं कि दिल्ली का एक बड़ा हिस्सा जलप्रलय जैसा दृश्य पेश कर रहा है।
सूरत में पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश के कारण किम नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे मंगरोल के मोटा बोरसारा गांव के पादर में नदी का पानी आ गया है। इसके चलते मोटा बोरसारा और आसपास के गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। हालात यह है कि स्थानीय लोगों को जलभराव के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा, वडोदरा के चाणोद में नर्मदा नदी पर स्थित सरदार सरोवर बांध से 4.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके कारण नर्मदा नदी के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। वडोदरा जिले के चाणोद में मल्हार राव घाट की 92 सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। हालांकि, नर्मदा नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान तक नहीं पहुंचा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अगर बारिश इसी तरह जारी रही, तो स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इस बीच, साउथ गुजरात के अधिकांश हिस्सों में बीती रात से भारी बारिश का दौर जारी है। वडोदरा जिले के डभोई में रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक 5 इंच बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के कारण स्थानीय लोगों को जलजमाव और यातायात संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
देश के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में नदी का उफान और लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ का खतरा पैदा कर दिया है। दिल्ली में यमुना धीरे-धीरे शांत हो रही है, लेकिन गुजरात में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन और आम जनता दोनों को मिलकर सतर्कता और संयम बरतने की ज़रूरत है, ताकि जान-माल का नुकसान रोका जा सके।