कच्छे में पकड़कर कांग्रेस नेता को थाने लाए...बना दिया फुटबॉल; सामने आई क्रूरता तो आगबबूला हो गए थरूर

kerala में पुलिस की बर्बरता का एक वीडियो सामने आया है जिसमें युवा कांग्रेस नेता को पुलिस थाने लाया जाता है और उसे बार-बार थप्पड़ और घूंसे मारे जाते है। घटना के वायरल होने पर राज्य में बवाल मच गया है।
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शशि थरूर ने घटना पर अपनी टिप्पणी दी
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Kerala Youth Congress Leader Viral Video: केरल में पुलिस की बर्बरता का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। यह घटना दो साल पुरानी है, लेकिन हाल ही में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इसे फिर से सुर्खियों में ला दिया है। फुटेज में कुन्नमकुलम पुलिस द्वारा युवा कांग्रेस नेता वी.एस. सुजीत को हिरासत में बेरहमी से पीटते हुए दिखाया गया है। इस घटना पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 'अमानवीय' और 'गैरकानूनी' बताया है, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा इस पूरा मामले पर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसमें दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि सुजीत को एक पुलिस वाहन से कच्छे में लाकर सीधे थाने के अंदर ले जाते हुए गए है बीच में वह अपनी लिंगी को लपेटता है और आगे थाने की तरफ चला जाता है, जहां पुलिसकर्मी उनके साथ क्रूरता करने लगते हैं। इस घटना का वीडियो बुधवार को सार्वजनिक हुआ। कांग्रेस नेताओं द्वारा साझा किए गए इस फुटेज ने पुलिस की इस तरह की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को पत्र लिखकर शामिल अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की और आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास किया।

न्याय के लिए 20 लाख का ऑफर

फुटेज सामने आने के बाद, कांग्रेस ने इस मामले में कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। सुजीत ने आरोप लगाया है कि आरोपी पुलिसकर्मियों ने मामले को दबाने के लिए उन्हें 20 लाख रुपये की पेशकश भी की थी। सुजीत ने बताया कि यह फुटेज सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ही मिल सका। उन्होंने कहा, 'मामले को दबाने की कोशिश की गई और केवल मामूली अपराधों के आरोप लगाए गए। ये अधिकारी अभी भी सेवा में हैं और उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।'

आक्रोश और विरोध प्रदर्शन

शशि थरूर ने एक्स पर एक पोस्ट में इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि "ऐसे अधिकारी, जो न्याय और गरिमा के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं, उनके लिए पुलिस बल में कोई जगह नहीं है।" उन्होंने मुख्यमंत्री और गृह विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, "ऐसी क्रूरता के लिए चुप्पी ढाल नहीं बन सकती।" इस बीच, मलप्पुरम में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर नूहमान के घर तक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च उस समय और हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। फिलहाल नूहमान अपने घर पर नहीं हैं और पुलिस क्वार्टर में रह रहे हैं।

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