

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव रहे विभव कुमार को राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। जहां 100 दिनों के हिरासत के बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के आधार पर जमानत दे दी है।
राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट मामले में लगभग 100 दिनों के बाद विभव कुमार को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अहम टिप्पणी की। जहां सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी 100 दिनों से ज़्यादा समय से हिरासत में है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, यह साधारण चोट का मामला है।
आज विभव कुमार के जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने विभव कुमार की जमानत याचिका पर जमकर विरोध दर्ज कराया। जहां दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस मामले में कई अहम गवाहों की पेशी बाकी है और विभव सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकता है।
दिल्ली पुलिस के विरोध दर्ज कराने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी 100 दिनों से ज़्यादा समय से हिरासत में है। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, यह साधारण चोट का मामला है। हम ऐसी शर्तें रखेंगे जिससे वह ऐसा न कर सके।
1. आरोपी सीएम के घर और ऑफिस न जाए। 2. अहम गवाहों के बयान जल्दी दर्ज हों। 3. आरोपी और उससे जुड़े लोग केस पर टिप्पणी न करें। 4. आरोपी को कोई ऐसा पद न दिया जाए जिससे वह केस को प्रभावित कर सके।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निजी सचिव रहे विभव कुमार को राज्यसभा सांसद स्वाती मालीवाल के साथ मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस ने 18 मई को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद 12 जुलाई को हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।