गौतम थापर के अवंता ग्रुप पर ईडी की बड‍़ी कार्रवाई, कुर्क की 678 करोड़ रुपए की संपत्ति

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी जांच के तहत अवंता समूह की 678 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की भूसंपत्तियां धनशोधन रोधी कानून के तहत कुर्क की हैं। इस मामले में पहले ईडी ने 14 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की थी
गौतम थापर के अवंता ग्रुप पर ईडी की बड‍़ी कार्रवाई, कुर्क की 678 करोड़ रुपए की संपत्ति
गौतम थापर (डिजाइन फाेटो)
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नई दिल्ली: भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़ी जांच के तहत अवंता समूह की 678 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की भूसंपत्तियां धनशोधन रोधी कानून के तहत कुर्क की हैं। इस मामले में पहले ईडी ने 14 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की थी और पीएमएलए के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद अब 678 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है।

हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड में स्थित संपत्तियों को कुर्क करने के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अनंतिम आदेश जारी किया गया है। ये संपत्तियां अवंता समूह की विभिन्न कंपनियों की हैं। अवंता समूह का स्वामित्व और नियंत्रण व्यवसायी गौतम थापर के पास है।

ईडी ने एक बयान में कहा कि ‘‘19 अगस्त 2019 को सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड ने सेबी (सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) विनियम, 2015 के विनियम 30 के तहत ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज' और ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज' के समक्ष उन जानकारियों का खुलासा किया था, जिनका कंपनी की वित्तीय स्थिति पर संभावित प्रभाव था।'' ईडी ने कहा कि ‘‘सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड' द्वारा किए गए खुलासे से पता चला है कि कंपनी की संपत्तियों और देनदारियों को काफी कम करके दिखाया गया है।''

एजेंसी के अनुसार, इस खुलासे पर ऋणदाता बैंकों ने गौर किया और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा की गई शिकायत के आधार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जून 2021 में ‘सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशन लिमिटेड', गौतम थापर, के एन नीलकंठ, माधव आचार्य, बी हरिहरन, ओंकार गोस्वामी और अज्ञात लोक सेवकों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 2,435 करोड़ रुपए की ‘‘बैंक धोखाधड़ी'' करने का मामला दर्ज किया था।

पहले 14 कराेड़ की संपत्ति जब्त की

ईडी का धनशोधन का मामला सीबीआई की इसी प्राथमिकी से संबंधित है। इससे पहले ईडी ने 14 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की थी और पीएमएलए के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके अलावा कंपनी के एक प्रमुख प्रबंधकीय कर्मचारी माधव आचार्य को भी गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने कहा कि बाद में पता चला कि ऋण लेकर 1,307.06 करोड़ रुपए अवंता समूह की कंपनियों में स्थानांतरित कर दिए गए। उसने दावा किया कि इनमें से अधिकांश धनराशि का भुगतान बोर्ड की उचित अनुमति के बिना किया गया।

(एजेंसी एनपुट के साथ)

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