
लौंग और दांत दर्द की प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. एआई)
Clove Home Remedies: कई बार हमारे दांत में तेज दर्द या माइग्रेन का असहनीय दर्द शुरू हो जाता है। जिसकी वजह से व्यक्ति काफी परेशान हो जाता है। ऐसे में कई बार दवाएं भी काम नहीं आती हैं। इसके लिए आयुर्वेद में एक आसान और कारगर उपाय है। लौंग एक प्राकृतिक पेन किलर का काम करता है। जिसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं और यह बिना साइड इफेक्ट के आराम देता है।
लौंग दांत दर्द, माइग्रेन, खांसी, जुकाम और पेट दर्द जैसी परेशानियों में महंगी दवाओं के बजाय घरेलू नुस्खे आजमाना बेहतर है। नेचुरल पेन किलर लौंग को बेहद कारगर बताता है जो कई तरह के दर्द और बीमारियों में कारगर साबित होती है।
आयुर्वेद में लौंग को औषधि रत्न माना गया है। रसोई में पाए जाने वाले मसाले में कई शक्तिशाली गुण छिपे हैं। दांत दर्द में लौंग का तेल रुई में भिगोकर दांत के गड्ढे में रखने से तुरंत राहत मिलती है और कीड़े भी मर जाते हैं। माइग्रेन या सिर दर्द में लौंग का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है।
यह भी पढ़ें:- साइलेंट किलर बन रही है भागदौड़ भरी जिंदगी! ये 4 गलतियां बना रही हैं आपको हाई बीपी का मरीज
कमर दर्द या जोड़ों के दर्द में लौंग के तेल से हल्की मालिश करना फायदेमंद है। लौंग मुंह और गले की समस्याओं में भी रामबाण है। इसे चूसने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है और गले की खराश में राहत मिलती है।

यही नहीं लौंग पेट दर्द, गैस या अपच की शिकायत हो तो लौंग का रस या चाय पीने से फायदा होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है, भूख बढ़ाती है और पेट की जलन को को ठीक रखती है। सर्दियों में खांसी, जुकाम, श्वास की तकलीफ और हिचकी में भी लौंग बहुत असरदार है। यह कफ और पित्त दोष को शांत करती है। लौंग रक्त, मांसपेशियों, नसों और श्वसन तंत्र को मजबूती देती है। साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है क्योंकि इससे शरीर में श्वेत रक्त कणों (वाइट ब्लड सेल्स) की संख्या बढ़ती है।
लौंग की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका इस्तेमाल सही मात्रा में करना जरूरी है। ज्यादा मात्रा में लेने से गर्मी, सूजन या पित्त बढ़ सकता है। जिन्हें पहले से गर्मी या एसिडिटी की समस्या हो उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।
रसोई में मौजूद यह छोटा सा मसाला न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि कई बीमारियों से बचाव और इलाज भी करता है। हालांकि लौंग का सेवन शुरू करने से पहले विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।






