
प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
GRAP 4 Restrictions Delhi NCR: देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। लगातार चार दिनों तक ‘बेहद खराब’ हवा में सांस लेने के बाद, रविवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 437 के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का संकट लगातार गहराता जा रहा है। शनिवार को हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने तत्काल प्रभाव से ग्रेप-4 (GRAP-4) की पाबंदियां लागू करने का फैसला लिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम 4 बजे जो सूचकांक 400 पर था, वह रात 8 बजे तक बढ़कर 428 और रविवार सुबह 437 तक पहुंच गया। वायु गुणवत्ता के मानकों के अनुसार, 401 से 500 के बीच का सूचकांक ‘गंभीर’ माना जाता है, जो न केवल बीमार व्यक्तियों के लिए जानलेवा है, बल्कि स्वस्थ इंसान की सेहत को भी भारी नुकसान पहुंचाता है।
दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 500 के करीब पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के प्रमुख क्षेत्रों में एक्यूआई की स्थिति इस प्रकार रही:
• आनंद विहार: 491
• मुंडका: 485
• रोहिणी: 484
• वजीरपुर: 481
• पंजाबी बाग: 476
• बवाना: 473
• सोनिया विहार: 475
• अशोक विहार व आरकेपुरम: 468
इसके अलावा, आईटीओ (450), लोधी रोड (414) और नजफगढ़ (407) जैसे इलाकों में भी हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रैप के उप-समिति ने आपात बैठक कर स्टेज-4 की सभी कार्रवाइयों को लागू करने का निर्देश दिया है। इसके तहत निम्नलिखित मुख्य पाबंदियां लगाई गई हैं:
मौसम विभाग (IMD) और आईआईटीएम के पूर्वानुमानों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता और अधिक खराब हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब एक्यूआई 400 के पार चला जाता है, तो यह श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। शून्य से 50 के बीच की हवा को ही ‘साफ’ माना जाता है, जबकि वर्तमान स्थिति सामान्य से आठ गुना ज्यादा खराब है। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे प्रदूषण कम करने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और यथासंभव घरों के भीतर रहें।






