

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई ने विधानसभा चुनाव से पहले ‘‘फर्जी'' मतदाता पंजीकरण के लिए मतदाता सूची में उत्तर प्रदेश और बिहार के मतदाताओं के पंजीकरण के दावे के संबंध में अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारे लगाते देखा गया, जिनमें से कुछ ने केजरीवाल के आवास के पास सुरक्षा अवरोधक तोड़ने का प्रयास भी किया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा अवरोधक तोड़ने से रोकने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को भाजपा पर विधानसभा चुनाव से पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र नयी दिल्ली में उत्तर प्रदेश और बिहार से ‘‘फर्जी'' मतदाताओं को पंजीकृत करके मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप लगाया।
निर्वाचन आयोग को दी गई औपचारिक शिकायत में केजरीवाल ने 15 दिसंबर से आठ जनवरी के बीच 13,000 नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए आवेदन किए जाने पर चिंता जताई। शिकायत दर्ज कराने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि फर्जी मतदाता पंजीकरण के लिए इनमें से कई मतदाताओं को उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य पड़ोसी राज्यों से लाया गया है। यह हेरफेर चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करता है।''
केजरीवाल की टिप्पणी पर भाजपा ने तुरंत प्रतिक्रिया की और पार्टी नेताओं ने उनकी टिप्पणी की निंदा की। दिल्ली में 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव पांच फरवरी को होने हैं। आठ फरवरी को मतगणना होगी।
मनोज तिवारी ने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जो दिखाते हैं कि आप और अरविंद केजरीवाल यूपी और बिहार के लोगों से कैसे नफरत करते हैं। आज एक बार फिर अरविंद केजरीवाल ने यूपी और बिहार के लोगों को फर्जी कहा। उन्होंने कहा कि यूपी और बिहार के लोग दिल्ली आकर फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनवा रहे हैं।
तिवारी ने पिछले विवादों, खासकर कोविड-19 संकट के दौरान प्रवासी श्रमिकों से निपटने के मामले की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने केजरीवाल पर महामारी के दौरान प्रवासी श्रमिकों को गुमराह करने का आरोप लगाया, विशेष रूप से उल्लेख किया कि कैसे उन्हें आनंद विहार में मरने के लिए छोड़ दिया गया था, जब वे अपने गृह राज्यों में लौटने के लिए बेताब थे। तिवारी ने कहा, “यह वही अरविंद केजरीवाल और आप है जिसने यूपी, बिहार और झारखंड के लोगों से झूठ बोला और उन्हें कोरोना के दौरान मरने के लिए आनंद विहार भेज दिया।”