ट्रंप की धमकी के बाद भी अपने फैसले पर अटल एप्पल के सीईओ, नहीं रोकेंगे भारत में प्रोडक्शन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जबसे कुर्सी पर बैठे हैं, तब से ही उनकी तानाशाही ट्रंप टैरिफ पॉलिसी के रुप में देखने के लिए मिल रही है। जिसके चलते ट्रंप ने स्मार्टफोन कंपनियों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला लिया।
Apple exports from India increased by 63 percent in April-July this year
आईफोन एक्सपोर्ट (सौ. डिजाइन फोटो)
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही खुद को पीएम मोदी का दोस्त बताने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर भारत के प्रति बदले हुए नजर आ रहे हैं। कुछ दिनों पहले अपने विदेश यात्रा के दौरान कतर की राजधानी दोहा में ट्रंप ने एप्पल के सीईओ टिम कुक से भारत में प्रोडक्शन रोकने की डिमांड की थी और ऐसा ना करने पर कंपनी पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।

जिसके बाद ही एप्पल ने हाल ही के दिनों में अपने आईफोन प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए जोरदार निवेश किया है। जिसके बाद से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एप्पल कंपनी पर बौखलाएं हुए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने एप्पल और बाकी कंपनियां जो भारत में अपना निवेश बढ़ा रही है उन्हें 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है।

12,800 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी देने के बाद भी एप्पल के सीईओ टिम कुक अड़े हुए हैं। उनकी कंपनी लगातार भारत में निवेश बढ़ा रही है। आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकॉन ने पिछले 5 दिनों में 1.48 अरब डॉलर यानी लगभग 12,800 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट किया है। साथ ही, ताइवान की आईफोन मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी होन हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री ने भी भारत में 150 करोड़ का निवेश किया है। होन हाई प्रिसिजन ने चीन से अपने प्रोडक्शन को कम करके भारत में शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है।

टैरिफ के बाद भी भारत में बना आईफोन होगा सस्ता

नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने इस बात का खुलासा किया है कि अगर ट्रंप भारत में बने आईफोन पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाता हैं, तो अमेरिका में बने आईफोन के मुकाबले भारत में बना आईफोन फिर भी सस्ता हो सकता है। उन्होंने बताया है कि एप्पल को भारत में आईफोन का प्रोडक्शन करना सस्ता पड़ रहा है, ऐसी स्थिति में एप्पल अमेरिका का रुख नहीं करने वाला हैं।

साथ ही नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने ये भी जानकारी दी है कि एप्पल का सबसे ज्यादा प्रोडक्शन एशिया में होता है। ऐसे में यदि एप्पल इसे अमेरिका में शिफ्ट करता है, तो आईफोन का प्राइस बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा, जिसके कारण एप्पल कंपनी अमेरिका का रुख करने से बच रही है।

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