
(कॉन्सेप्ट फोटो)
Government Employees DA Hike: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की अगुवाई सरकार ने चुनाव से पहले आज अंतरिम बजट पेश कर दिया है। सरकार ने यह बजट आम आदमी को केंद्र में रखते हुए पेश किया है। वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस बजट में राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है।
दरअसल, सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ता (DA) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 4% की बढ़ोतरी की है। सरकार के इस कदम को चुनाव से पहले बड़ा दांव माना जा रहा है।
एक तरफ जहां राज्य सरकार बजट के जरिए अपनी पीठ थपथपा रही थी, वहीं दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट से भी एक ऐतिहासिक फैसला सामने आया। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को साफ निर्देश दिए हैं कि वह 2008 से 2019 के बीच का बकाय महंगाई भत्ता (DA) अपने कर्मचारियों को हर हाल में भुगतान करे। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि महंगाई भत्ता पाना कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है, कोई अतिरिक्त फायदा या सरकारी दान नहीं।
कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह 6 मार्च तक बकाया राशि का कम से कम 25% हिस्सा कर्मचारियों के खातों में जमा कराए। अदालत ने साफ किया है कि कल्याणकारी राज्य की जिम्मेदारी है कि वह अपने कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के दुष्प्रभाव से बचाए। यह फैसला उन हजारों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी जीत है जो पिछले कई सालों से अपने हक की लड़ाई कोलकाता हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ रहे थे।
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ममता सरकार ने अंतरिम बजट में सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ सिविक वॉलिंटियर्स और ग्रीन पुलिस के जवानों के लिए भी अपना खजाना खोला है। बजट प्रस्ताव के अनुसार, इन कर्मियों के मासिक वेतन में 1,000 रुपये की सीधी वृद्धि की गई है। इस मद के लिए सरकार ने 150 करोड़ रुपये का अलग से बजट आवंटित किया है। राज्य में कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन जवानों को लंबे समय से अपनी आय बढ़ने का इंतजार था।






