कर्ज के जाल में फंसा पाकिस्तान, UAE ने वसूली के लिए कसी नकेल, अब कहां से 2 बिलियन डॉलर लाएंगे शहबाज शरीफ?

Pakistan: संघीय सरकार और सेंट्रल बैंक के अधिकारियों के हवाले से द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में कहा गया है कि UAE ने 1-1 अरब डॉलर के दो लोन को आगे बढ़ाया है।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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UAE Deadline To Pakistan: भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर का कर्ज दिया था, जिसे अब अगले एक महीने में मौजूदा 6.5 फीसदी की ब्याज दर के साथ लौटाने की बात कही है। संघीय सरकार और सेंट्रल बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में बताया गया है कि UAE ने 1-1 अरब डॉलर के दो लोन को आगे बढ़ाया है, जो 16 और 22 जनवरी को मैच्योर हो गए हैं।

अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्ज को एक महीने के लिए आगे बढ़ाया गया है ताकि अवधि और ब्याज दर पर आगे की बातचीत के लिए समय मिल सके। पाकिस्तान चाहता है कि UAE से मिले लोन के लिए दो साल का रोलओवर मिले और इस पर लगभग 3 प्रतिशत की दर से ब्याज लागू हो।

पाकिस्तान को अब सिर्फ 30 दिनों को समय

हालांकि, यूएई ने सख्त रूख अपनाते हुए पाकिस्तान को अब सिर्फ 30 दिन का ही समय दिया है। अधिकारियों ने कहा कि कर्ज को आगे बढ़ाने के लिए एक और बार अनुरोध किया जा रहा है क्योंकि इसके भुगतान से एक फाइनेंसिंग गैप पैदा होगा जिसे अन्य स्रोतों से भरने की आवश्यकता होगी। गौरतलब है कि इस समय पाकिस्तान कई मोर्चे पर घिरा हुआ है। हाल ही में आईएमएफ ने भी आर्थिक वृद्धि को लेकर नकारात्मक संभावना जताई है।

पाकिस्तान के खिलाफ क्यों सख्त हुआ यूएई?

ऐसा माना जा रहा है कि यमन में अलगाववादी समूहों को समर्थन देने के मुद्दे पर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच विवाद में पाकिस्तान के सऊदी का साथ देने के मुद्दे पर अब यूएई ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रवैया अपनाने का फैसला लिया है। पाकिस्तान से अचानक से इतनी बड़ी रकम एक बार में और वह भी इतने कम समय में चुकाना किसी चुनौती से कम नहीं होगी।

क्या पाकिस्तान की अपील मानेगा UAE?

अब देखना है कि क्या यूएई लोन चुकाने की अवधि बढ़ाने की पाकिस्तान की अपील पर किस तरह की प्रतिक्रियाएं देता है? इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के साथ पाकिस्तान के 7 अरब डॉलर के प्रोग्राम के तहत, UAE, सऊदी अरब और चीन ने अगले साल सितंबर में प्रोग्राम खत्म होने तक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में कुल 12.5 अरब डॉलर जमा रखने का वादा किया है।

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