टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी पर लगाम, TRAI ने ठोका 150 करोड़ का जुर्माना; ये रही कार्रवाई की असली वजह

TRAI: ट्राई की ओर से लगाई गई इस पेनल्टी को टेलीकॉम कंपनियों ने चुनौती दी है। इसकी मुख्य वजह टेलीकॉम कंपनियों का स्पैम कॉल्स और मैसेजेज को ना रोक पाना और यूजर्स की शिकायत को गलत तरीके से बंद करना है।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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TRAI Actions On Telecom Regulator: टेलीकॉम रेगुलरेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर 150 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है। ये पेनल्टी स्पैम कॉल्स और मैसेजेज को लेकर लगाई गई है, जिन्हें रोकने में टेलीकॉम कंपनियां असफल रही हैं। 150 करोड़ रुपये की ये पेनल्टी तीन सालों के लिए लगाई गई है, जिसकी शुरुआत 2020 से होती है।

रिपोर्ट्स की मानें, तो TRAI की ओर से लगाई गई इस पेनल्टी को टेलीकॉम कंपनियों ने चुनौती दी है। इसकी मुख्य वजह टेलीकॉम कंपनियों का स्पैम कॉल्स और मैसेजेज को ना रोक पाना और कंज्यूमर्स की शिकायत को गलत तरीके से बंद करना है।

नियमों की अंदेखी पर एक्शन

TRAI ने उन टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर पेनल्टी लगाई है, जो नियमों का पालन नहीं कर पाए हैं। पिछले साल की बात करें, तो ट्राई ने 21 लाख स्पैमर्स का कनेक्शन बंद किया है, जबकि 1 लाख से ज्यादा को ब्लॉक किया है। सितंबर 2024 में ट्राई ने 18.8 लाख स्पैमर कनेक्शन को बंद किया, जबकि 1150 को ब्लैकलिस्ट किया था। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ट्राई ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर ये फाइन इसलिए नहीं लगाया है क्योंकि किसी ने उनके नेटवर्क के जरिए स्पैम कॉल या मैसेज किया है। बल्कि इसलिए लगाया गया है कि कंपनियों ने उन सेंडर्स के खिलाफ सही एक्शन नहीं लिया

स्पैम कॉल्स और मैसेज को लेकर शिकायत

वहीं, स्पैम कॉल्स और मैसेज को कंट्रोल करने में कंज्यूमर्स की शिकायत का बड़ा योगदान है। जांच में पाया गया है कि टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स ने कई कंज्यूमर्स की शिकायत को गलत तरीके से क्लोज कर दिया है। इसकी वजह से इन कंपनियों पर ये फाइन लगाया गया है। TRAI ने एक DND ऐप भी लॉन्च किया है, जिसकी मदद से यूजर्स किसी भी स्पैम कॉल या मैसेज को रिपोर्ट कर सकते हैं। इस ऐप पर सिर्फ 4 से 6 क्लिक में रिपोर्ट की जा सकती है। ट्राई ने बीते कुछ वक्त में स्पैम कॉल्स और मैसेजेज को लेकर नियमों को सख्त किया है।

ट्राई ने नियमों को सख्त किया

कंज्यूमर्स किसी Spam कॉल या मैसेज को 7 दिनों के अंदर रिपोर्ट कर सकते हैं। वहीं इन शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर भी ट्राई ने नियमों को सख्त किया है। 10 दिनों के अंतर किसी सेंडर के खिलाफ 5 शिकायत आती हैं, तो उस पर एक्शन लेने के लिए ये पर्याप्त हैं।

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