
भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक (सोर्स-सोशल मीडिया)
Share market today opening 16 January: सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने एक बार फिर तेजी के साथ वापसी की है। दलाल स्ट्रीट पर आज सुबह से ही खरीदारों का दबदबा देखा गया, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शानदार बढ़त के साथ खुले। निवेशकों के बीच इस उछाल ने सकारात्मक माहौल बना दिया है, विशेष रूप से पिछले सत्रों की अनिश्चितता के बाद यह रिकवरी राहत भरी है। बाजार के इस रुझान को वैश्विक बाजारों से मिल रहे मजबूत संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की सक्रियता से बल मिल रहा है।
शुक्रवार सुबह BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 288 अंकों की मजबूती के साथ 83670.80 के स्तर पर खुला, जो बाजार में मजबूत सेंटिमेंट को दर्शाता है। इसी तर्ज पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 30 अंकों की तेजी दर्ज करते हुए 25696 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत करने में सफल रहा। आनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी के लिए 25715 का स्तर पार करना महत्वपूर्ण है ताकि यह 26020 की ओर बढ़ सके, अन्यथा 25060 तक गिरावट संभव है।
एशिया-पैसिफिक बाजारों में आज मिला-जुला रुख रहा, जहां जापान के निक्केई 225 में 0.41 परसेंट की गिरावट देखी गई, वहीं दक्षिण कोरियाई कोस्पी 0.3 परसेंट उछला। अमेरिकी बाजारों की बात करें तो 15 जनवरी को वॉल स्ट्रीट पर डॉव जोन्स 0.60 परसेंट की तेजी के साथ बंद हुआ, जिसका असर भारतीय ओपनिंग पर दिखा। इसके अलावा एसएंडपी 500 और नैस्डैक कम्पोजिट में भी क्रमशः 0.26 परसेंट और 0.25 परसेंट की बढ़त दर्ज की गई, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
छह प्रमुख विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) शुक्रवार सुबह 0.04 परसेंट चढ़कर 98.39 पर पहुंच गया। भारतीय रुपये ने 14 जनवरी को डॉलर के मुकाबले 0.10 परसेंट की मजबूती दिखाई थी और यह 90.29 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा था। करेंसी मार्केट में होने वाले इन बदलावों का सीधा असर आयात-निर्यात से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशक सतर्क हैं।
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विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकाल रहे हैं और 14 जनवरी को उन्होंने 4,781 करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिकवाली की। हालांकि, इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया और 5,217 करोड़ रुपये की भारी नेट खरीदारी करके गिरावट को रोकने का प्रयास किया। एफआईआई और डीआईआई के बीच की यह रस्साकशी बाजार की दिशा तय करने में आने वाले हफ्तों में एक महत्वपूर्ण कारक साबित होने वाली है।






