सरकार पर पैसों की बारिश, 2 महीने में इन बैंकों से मिले 3 लाख करोड़ रुपये

भारत के कुछ चुनिंदा बैंकों ने केंद्र सरकार को डिविडेंड दिया है। हाल ही में इंडियन बैंक ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को डिविडेंड चेक सौंपा हैं। इस मौके पर डीएफएस के एम नागराजू भी वहां मौजूद थे।
भारत के कुछ चुनिंदा बैंकों ने केंद्र सरकार को डिविडेंड दिया है। हाल ही में इंडियन बैंक ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को डिविडेंड चेक सौंपा हैं। इस मौके पर डीएफएस के एम नागराजू भी वहां मौजूद थे।
इंडियन बैंक ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को डिविडेंड चेक सौंपा (सौ. X )
Published on
Updated on

केंद्र सरकार की कमाई में लगातार तेजी से बढ़त हो रही हैं। हाल ही में पब्लिक सेक्टर के बड़े बैंकों में से एक इंडियन बैंक ने केंद्र सरकार को पिछले वित्त वर्ष के लिए डिविडेंड दिया है।

मंगलवार को इंडियन बैंक के प्रबंधक निदेशक यानी एमडी और मुख्य कार्यपालक अधिकारी सीईओ बिनोद कुमार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 1,616.14 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को सौंपा है। इस अवसर पर डीएफएस के सेक्रेटरी एम नागराजू भी समेत अन्य अधिकारी भी वहां मौजूद थे।

इंडियन बैंक ने शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड देने का किया ऐलान

इंडियन बैंक ने साल 2024-25 के लिए हर शेयर पर 16.25 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया है, जो इसके स्ट्रॉन्ग फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के साथ भारत सरकार सहित सभी पक्षों के लिए लॉन्ग टर्म वैल्यू जनरेट करने के लिए सपोर्ट को दर्शाता है। आपको बता दें कि इससे पहले भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक ऑफ बैंक ने भी केंद्र सरकार को लगभग 3 लाख करोड़ रुपये दिए हैं।

बैंकों ने दिए 3 लाख करोड़ रुपये

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई ने केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.69 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड ट्रांसफर किया है। ये पिछले साल में मिले 2.1 लाख करोड़ रुपये की तुलना में कई गुना ज्यादा है। देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार को 8,076.84 करोड़ रुपये का डिविडेंड दे दिया है। इससे साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी वित्त वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र सरकार को 2,762 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया है।

डिविडेंड क्या होता है?

आपको बता दें कि जब भी कोई कंपनी या बैंक प्रॉफिट कमाता है, तो वो अपने शेयरहोल्डर्स को उस प्रॉफिट का कुछ हिस्सा डिविडेंड के रुप में देता है। केंद्र सरकार, क्योंकि इन बैंकों में बड़ी हिस्सेदार होती है, इसीलिए उसे भी इसका हिस्सा मिलता है। सरकार को इन बैंकों से मिलने वाला डिविडेंड उसके टोटल रेवेन्यू में बढ़त करता है ।इस डिविडेंड से विकास योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सोशल वर्क में खर्च करने के लिए ज्यादा फंड मिलता हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com