

Trump Tariff on BRICS: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर भी बहुत जल्द फैसला लिया जाएगा। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, इंडिया, चाइना साउथ अफ्रिका, सऊदी अरब, मिस्त्र, ईरान, इथियोपिया, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं। व्हाइट हाउस में मीडिया से मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ब्रिक्स देशों को जल्द 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स की स्थापना अमेरिका को नुकसान पहुंचाने के लिए की गई थी।
इससे एक दिन पहले व्हाइट हाउस की ओर से घोषणा की गई थी की राष्ट्रपति ट्रंप ब्रिक्स गठबंधन को अमेरिकी हितों के लिए बढ़ते खतरों के रूप में देखते हैं। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का वचन दिया है कि अमेरिका के साथ विश्व मंच पर निष्पक्ष व्याहार हो। ब्राजील, रूस, भारत और चीन ब्रिक्स के शुरुआती सदस्य हैं। साल 20210 में साउथ अफ्रीका को शामिल किया गया था। तब से, सऊदी अरब, मिस्र, ईरान, इथियोपिया, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया का भी इसमें स्वागत किया गया है। वर्तमान समय में ब्रिक्स गठबंधन में कुल सदस्य देशों की संख्या 11 है।
व्हाइट हाउस में आयोजित रूटीन प्रेस वार्ता के दौरान जब एक पत्रकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर उनकी योजना के बारे में सवाल किया, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अगर वे ब्रिक्स गठबंधन के हिस्सा है तो निश्चित रूप से उन्हें भी 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ का भुगतान करना होगा। ट्रंप ने आगे दोहराया कि ब्रिक्स की स्थापना ही हमें नुकसान पहुंचाने, हमारे डॉलर को कमजोर करने के लिए की गई थी। डॉलर किंग है। हम हमेशा इसे ऐसे ही रखेंगे। अगर लोग इसे चुनौती देना चाहते हैं, तो वे कर सकते हैं। लेकिन उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी। मुझे नहीं लगता कि उनमें से कोई भी यह जोखिम उठाने जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लागू करने की डेडलाइन पर कहा कि हमेशा से 1 अगस्त आखिरी तारीख रही है। अन्य देशों की ओर से ऐसे-ऐसे टैरिफ लगाए जाते हैं, जो हास्यास्पद हैं। मैंने उन देशों से बात की और अब हर कोई हमें सब कुछ देने को तैयार है। वर्षों तक उन्होंने हमें लूटा और हमारे पास ऐसा कोई राष्ट्रपति नहीं था, जो इसे समझता हो। टैरिफ रिकॉर्ड स्तर पर आने शुरू हो गए हैं। हम केवल उन अन्य देशों के नियमों का पालन कर रहे थे, जो हमसे बहुत अधिक टैरिफ वसूलते हैं। हमारा नेतृत्व बेवकूफ लोगों या बिना किसी व्यापारिक समझ वाले लोगों की ओर से किया जा रहा था। 1 अगस्त से अमेरिका के पास बड़ी रकम आनी शुरू हो जाएगी।