क्या ट्रेड डील पर भारत-अमेरिका में नहीं बनी बात, अमेरिकी टीम की यात्रा टलने के क्या मायने?

India-US Trade Deal: अमेरिका-भारत ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को 2025 के सितंबर-अक्टूबर तक पूरा करने की रणनीति बनाई है। हालांकि, पांच दौरे के बातचीत के बाद भी यह अंतिम रूप नहीं ले सका है।
India-America Conversation On Bilateral Trade Deal
(पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप)
Published on
Updated on

India-America Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बीच भारत और यूएस ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर चल रही बातचीत रूक गई है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि अगस्त के आखिरी में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का भारत का दौरा टलने की संभावना है, जिसको बाद में रीशेड्यूल किया जाएगा। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। लेकिन यहां सबसे गौर करने वाली बात यह है कि अमेरिकी टीम का दौरा ऐसे वक्त में टला है कि जब ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ की घोषणा की है, जिसमें से 25 प्रतिशत टैरिफ 27 अगस्त से लागू होने वाला है।

बता दें कि अबतक प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की पांच दौर की बातचीत पूरी की हो चुकी है और छठे दौर की वार्ता के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडर भारत आने वाली थी। यह वार्ता 25 से 29 अगस्त के बीच होनी थी। मगर अब ऐसी जानकारी आ रही है कि यह यात्रा टल गई है, जिसे बाद में फिर से शेड्यूल किया जा सकता है।

अमेरिका से व्यापार समझौते में यहां फंसी पेंच

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता न होने के कई कारण है, लेकिन इसमें कृषि और डेयरी सेक्टर महत्वपूर्ण फैक्टर हैं। अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह से खोलने की मांग कर रहा है, जिसे भारत सरकार ने साफ तौर पर इनकार कर दिया है, क्योंकि अगर इस सेक्टर का अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजारों में आता है तो इससे छोटे किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ जाएंगी। भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसानों और पशुपालकों से जुड़े सेक्टर के किसी समझौते के लिए तैयार नहीं है।

2030 तक 500 अरब डॉलर के कारोबार का लक्ष्य

अमेरिका और भारत ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को 2025 के सितंबर-अक्टूबर तक पूरा करने की रणनीति बनाई है। दोनों देशों की योजना है कि साल 2030 तक मौजूदा 191 अरब डॉलर के व्यापार को बढ़ाकर 500 अरब डॉलर से ज्यादा किया जाए। वाणिज्य मंत्रालय के डेटा के अनुसार, अप्रैल से जुलाई तक भारत से अमेरिका के लिए एक्सपोर्ट में 21.64 प्रतिशत की ग्रोथ हुई और यह 33.53 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि इंपोर्ट में 12.33 फीसदी की इजाफा हुई और यह 17.41 अरब डॉलर तक पहुंचा।

ये भी पढ़ें: ट्रंप के फैसले से अमेरिका का बुरा हाल! 71 कंपनियां हुई दिवालिया; सरकारी कर्ज में रिकॉर्ड इजाफा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के बीच पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर जनता से स्वेदशी को अपनाने की अपील की  है। उन्होंने कहा कि कि मै सभी कारोबारी और दुकानदार से अपील करना चाहता हूं कि यह आपकी भी जिम्मेदारी है... मैं चाहता हूं कि दुकानदार और व्यापारी आगे आएं और अपनी दुकानों के बाहर लिखें कि 'यहां स्वदेशी माल बिकता है। पीएम मोदी ने ने का कि हमें स्वदेशी पर गर्व होना चाहिए, हमें स्वदेशी को मजबूरी के कारण नहीं, बल्कि अपनी ताकत के रूप में अपनाना चाहिए।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com