
स्वाधार योजना (फाइल फोटो)
SC Student Scholarship: सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग की ओर से अनुसूचित जाति एवं नवबौद्ध वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर स्वाधार योजना भंडारा जिले में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे जरूरतमंद छात्रों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। यह योजना उन विद्यार्थियों के लिए लागू की गई है, जिन्हें शासकीय छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाता।
कक्षा 11वीं-12वीं तथा 12वीं के बाद के व्यावसायिक एवं गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने के उद्देश्य से यह योजना वर्ष 2017 में लागू की गई थी। इसके अंतर्गत भोजन, निवास, शैक्षिक सामग्री, निर्वाह भत्ता एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए निर्धारित राशि सीधे विद्यार्थियों के आधार से संलग्न बैंक खातों में जमा की जाती है।
भंडारा जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान इस योजना के अंतर्गत 3 करोड़ 70 लाख 98 हजार 650 रुपये प्राप्त हुए थे। इनमें से 2 करोड़ 41 लाख 70 हजार 550 रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि 1 करोड़ 29 लाख 28 हजार 100 रुपये की राशि अब भी शेष है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह बची हुई राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खर्च की जानी है।
हालांकि, चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अब तक शासन से कोई नई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। यदि पिछले वर्षों पर नजर डाली जाए तो वित्तीय वर्ष 2021-22 में भंडारा जिले को 62 लाख 2 हजार 48 रुपये, 2022-23 में 1 करोड़ 22 लाख 60 हजार 600 रुपये, तथा 2023-24 में 2 करोड़ 21 लाख 15 हजार 800 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। लाभार्थियों के आंकड़े भी योजना की व्यापकता को दर्शाते हैं।
| शैक्षणिक वर्ष | प्राप्त आवेदन | कुल लाभार्थी | वितरित/प्राप्त राशि |
| 2021-22 | 530 | 222 | ₹62.02 लाख |
| 2022-23 | 689 | 467 | ₹1.22 करोड़ |
| 2023-24 | 327 | 125 | ₹2.21 करोड़ |
| 2024-25 | 721 | 485 | ₹3.70 करोड़ |
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वर्ष 2021-22 में कुल 530 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 253 पात्र और 245 अपात्र पाए गए। इस वर्ष 222 विद्यार्थियों को स्वाधार योजना का लाभ मिला। वर्ष 2022-23 में 689 आवेदन आए, जिनमें 495 पात्र और 165 अपात्र रहे, जबकि 467 विद्यार्थियों को लाभ प्रदान किया गया।
वर्ष 2023-24 में कुल 327 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 284 पात्र और 45 अपात्र घोषित किए गए। इस दौरान केवल 125 विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिल सका। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 721 आवेदन आए, जिनमें 529 पात्र और 100 अपात्र रहे। इस वर्ष 485 विद्यार्थियों को लाभ मिला, 92 आवेदन बैंक को भेजे गए, जबकि 44 आवेदन अभी अनुमोदन की प्रक्रिया में हैं।
चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 866 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 106 आवेदन पात्र, 18 अपात्र घोषित किए गए हैं, जबकि शेष आवेदनों पर अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन से राशि उपलब्ध होते ही शेष आवेदनों का निपटारा कर लाभार्थियों को जल्द राहत दी जाएगी।






