

India-Amreica Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित अंतरिम व्यापार समझौता जल्द पूरा हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजारों में ज्यादा पहुंच मिलेगी, जो अमेरीका और इंडोनेशिया के बीच हुए व्यापर समझौते के बराबार होगी। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच टैरिफ 20 फीसदी से कम रखने की कवायद जारी है।
मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि हमने इंडोनेशिया के साथ एक समझौता किया है और इससे इंडोनेशिया के बाजारों में हमारी पहुंची बढ़ी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि अमेरिकी प्रशासन कुछ अन्य व्यापार समझौतों की घोषणा करने वाला है और इस संदर्भ में भारत का भी नाम लिया।
इस व्यापार समझौते के तहत इंडोनेशिया के बाजारों में अमेरिका की पहुंच बढ़ेगी, जबकि इंडोनेशिया से निर्यात उत्पादों पर अमेरिका में 19 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा। इसके अलावा, इंडोनेशिया ने अमेरिका से 15 अरब डॉलर की एनर्जी, 4.5 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद और 50 बोइंग विमान खरीदने का वादा किया है। ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के तहत इंडोनेशिया अमेरिका को ऐसी पहुंच दे रहा है, जो पहले कभी नहीं थी। उन्होंने कहा कि शायद यह समझौते का सबसे बड़ा हिस्सा है... भारत भी उसी दिशा में काम कर रहा है। हमें भारतीय बाजार तक पहुंच मिलेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हमने 100 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। ऑटोमोबाइल और स्टील जैसे क्षेत्रों को छोड़कर ज्यादा टैरिफ नहीं लगे हैं। एक अगस्त एक ऐसा दिन है जब हमारे देश में काफी बड़ी रकम आएगी। हमने कई देशों से समझौते किए हैं। कल भी एक समझौता हुआ... अब एक और समझौता होने वाला है, शायद भारत के साथ, बातचीत चल रही है। जब मैं कोई पत्र भेजता हूं, तो वह एक तरह से समझौता होता है। सबसे अच्छा समझौता यही होता है कि मैं पत्र में लिख दूं कि आपको 30%, 35%, 25%, 20% का भुगतान करना होगा। हमारे पास कुछ अच्छे समझौते हैं जिनकी हम जल्द घोषणा करेंगे। हम भारत के साथ एक ऐसे समझौते के बहुत पास हैं, जिसमें वे अपने बाजार को खोलने के लिए तैयार होंगे।'
अमेरिका ने पहले ही कई देशों को एक अगस्त से लागू होने वाले रेसीप्रोकल टैरिफ रेट के जानकारी वाले पत्र भेजे हैं। भारत को उम्मीद है कि वह अमेरिका के साथ ऐसा समझौता कर पाएगा, जिससे जवाबी टैरिफ से बचा जा सके। इसके साथ ही भारत ने संकेत दिया है कि वह जल्दबाजी में यह व्यापार समझौता नहीं करेगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसी महीने कहा था कि भारत समयसीमा के आधार पर कोई भी समझौता नहीं करता है। उन्होंने कहा था कि भारत, अमेरिकी साथ प्रस्तावित समझौता तभी स्वीकार करेगा, जब वह पूरी तरह से देश हित में होगा।