लंदन पहुंचे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, FTA और निवेश को बढ़ावा देने पर होगी चर्चा

इस समझौते का लक्ष्य है कि 2030 तक दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को दोगुना करके 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना भी है। समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होना और इसका क्रियान्वयन होना बाकी है।
Piyush Goyal
पीयूष गोयल, (केंद्रीय मंत्री)
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नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ब्रिटेन और भारत के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के क्रियान्वयन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करने तथा दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के तरीकों का पता लगाने के लिए दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर लंदन में हैं। बुधवार को आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। इस यात्रा के दौरान वह ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि दोनों नेता फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा इसे अंतिम रूप देने और कार्यान्वयन के लिए एक स्पष्ट, समयबद्ध खाका तैयार करेंगे। भारत और ब्रिटेन ने छह मई को एफटीए पर सहमति बनने की घोषणा की थी। इस समझौते का उद्देश्य श्रम-प्रधान भारतीय निर्यात जैसे चमड़ा, जूते और कपड़े पर शुल्क समाप्त करना, जबकि व्हिस्की तथा कारों जैसे ब्रिटेन के उत्पादों के आयात को आसान बनाना है।

दोनों देशों के बीच निवेश पर होगी चर्चा

इस समझौते का लक्ष्य है कि 2030 तक दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को दोगुना करके 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाना भी है। समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होना और इसका क्रियान्वयन होना बाकी है। गोयल, ब्रिटेन की राजकोष चांसलर रेचल रीव्स से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक प्राथमिकताओं, वित्तीय सहयोग एवं निवेश सुविधा पर चर्चा करेंगे। रचनात्मक उद्योगों तथा नवाचार-संचालित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए उनकी संस्कृति, मीडिया एवं खेल मंत्री लिसा नैंडी से भी मिलने की योजना है। बचपन में छूटा मां का साथ, 15 की उम्र में पिता ने घर से निकाला; आज अपने दम पर खड़ी कर दीं 100 करोड़ की कंपनी

भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये बैठकें वैश्विक व्यापार जगत के नेताओं, निवेशकों एवं नीति विशेषज्ञों को एक साथ लाएंगी, ताकि भारत-ब्रिटेन आर्थिक गलियारे की रणनीतिक रूपरेखा तथा प्रस्तावित एफटीए के परिवर्तनकारी प्रभाव पर विचार-विमर्श किया जा सके। मंत्री, वाणिज्यिक संबंधों को गहरा करने और सीमा पार निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पोत परिवहन, वित्तीय प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स तथा उन्नत विनिर्माण सहित प्रमुख क्षेत्रों के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (CEO) और उद्योग हितधारकों के साथ भी बातचीत कर सकते हैं। भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 के 20.36 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2023-24 में 21.34 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया था।

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