
शेयर मार्केट, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Share Market Highlights: भारतीय शेयर बाजार बुधवार, (4 जनवरी, 2026) के कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ। इस दौरान कंज्यूमर, ऑयल एंव गैस और एनर्जी शेयरों में खरीदारी देखी गई। दिन के अंत में सेंसेक्स 78.56 अंक या 0.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 83,817.69 और निफ्टी 48.45 अंक या 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,776.00 पर बंद हुआ।
मुख्य सूचकांकों में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.66 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 2.08 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 2 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 1.90 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 1.60 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 1.57 प्रतिशत और निफ्टी कंजम्पशन 1.41 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।
दूसरी तरफ निफ्टी आईटी 5.87 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.77 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.42 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 0.34 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में अधिक तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 376.50 अंक या 0.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,683.60 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 216.15 अंक या 1.27 प्रतिशत की मजबूती के साथ 17,205.10 पर था।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, ट्रेंट, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, एलएंडटी, टाटा स्टील, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक गेनर्स थे। इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक लूजर्स थे।
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी की शुरुआत कमजोर हुई थी और पूरे सत्र के दौरान यह एक सीमित दायरे में रहा। हालांकि, दिन के अंत में यह 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,776 पर बंद हुआ। उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी आईटी में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक द्वारा अपने क्लाउड एआई चैटबॉट के लिए एक कानूनी टूल लॉन्च करना है। इससे सॉफ्टवेयर सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
शाह ने आगे कहा कि निफ्टी के लिए रुकावट का जोन 25,950 से लेकर 26,000 का स्तर हो सकता है। किसी भी ब्रेकआउट में यह 26,200 तक जा सकता है। वहीं, गिरावट की स्थिति में इसका सपोर्ट जोन 25,600 से लेकर 25,550 होगा।
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विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कैश मार्केट में करीब 5,236 करोड़ रुपये की खरीदारी की है, जो पिछले तीन महीनों की सबसे बड़ी खरीद मानी जा रही है। इंडेक्स और स्टॉक फ्यूचर्स समेत कुल मिलाकर FIIs ने करीब 16,750 करोड़ रुपये से ज्यादा बाजार में डाले हैं। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी की है। इससे बाजार में रिस्क-ऑन सेंटिमेंट मजबूत हुआ।






