Canadian Trade Minister Assures Support To Commercial Ties With India
भारत कनाडा के बिगड़ते कूटनीतिक हालात, आर्थिक संबंधों मजबूत करने की चल रही है बात
कनाडा की अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं आर्थिक विकास मंत्री मैरी एनजी ने भारत के कनाडा के कूटनीतिक संबंधों के साथ ही व्यापारिक संबंधों को लेकर भी कुछ बातें साझा की है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच के व्यापारिक संबंधों में सुधार लाने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है।
वाशिंगटन : भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से आपसी संबंधों में खराबी चल रही है। इन दोनों देशों के बीच अभूतपूर्व कूटनीतिक विवाद के चलते कनाडा की व्यापार मंत्री मैरी एनजी ने मंगलवार को बड़ी बात कही है। उन्होंने देश के बिजनेस कम्यूनिटी को आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि वे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को सुधारने की कोशिश करना चाहती है।
निर्यात संवर्धन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं आर्थिक विकास मंत्री एनजी ने बयान में कहा, ‘‘ मैं अपने बिजनेस कम्यूनिटी को आश्वस्त करना चाहती हूं कि हमारी सरकार कनाडा तथा भारत के बीच सुस्थापित कमर्शियल रिलेशन को समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
कनाडाई डिप्लोमेट्स को किया निष्कासित
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी ट्रेड कमीशनर सर्विस भारत में कार्यरत कनाडा की कंपनियों को मदद और रिसोर्सेस उपलब्ध कराना जारी रखेगी।” एनजी ने यह बात ऐसे समय में कही जब भारत ने एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए न केवल ओटावा से अपने हाई कमीशन को वापस बुला लिया, बल्कि भारत से 6 कनाडाई डिप्लोमेट्स को भी निष्कासित कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं साफ कर दूं कि कनाडा अपने बिजनेस के साथ मजबूती से खड़ा है। हम भारत के साथ जुड़े कनाडा के सभी उद्यमों के साथ मिलकर काम जारी रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये महत्वपूर्ण इकोनॉमिकल रिलेशन मजबूत बने रहें।”
इकोनॉमिकल इंटरेस्ट पर विचार
एनजी ने कहा, ‘‘ हालांकि, हमें कनाडा के नागरिकों की सिक्योरिटी तथा कानून के शासन को बनाए रखने की आवश्यकता के साथ अपने इकोनॉमिकल इंटरेस्ट पर विचार करना चाहिए। हम किसी भी विदेशी सरकार द्वारा हमारी धरती पर कनाडा के नागरिकों को धमकाने, जबरन वसूली करने या नुकसान पहुंचाने के कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम भारत सरकार से कानून तथा न्याय के उन्हीं सिद्धांतों का सम्मान करने का आग्रह करते हैं जो हमारे कार्यों का मार्गदर्शन करते हैं। साथ ही मंत्री ने कहा है कि कनाडा सरकार भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार है और हम अपने वैल्यूऐबल रिलेशन को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।”
‘इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन’ के अनुसार, भारत 2022 में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में कनाडा का 9वां सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर, ग्लोबल लेवल पर 13वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार तथा बिजनेस एक्सपोर्ट के लिए 14वां सबसे बड़ा डेस्टिनेशन था। गौरतलब है कि सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मुद्दे को लेकर भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक विवाद और गहरा गया है। कनाडा ने मामले में कुछ निष्कर्षों के मद्देनजर भारत के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों का संकेत दिया।
बिश्नोई गैंग के तार
प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी चरमपंथी निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता के पिछले साल सितंबर में आरोप लगाए थे। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को ‘बेतुका’ बताते हुए खारिज किया था। इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आ गया। निज्जर की पिछले साल जून में ब्रिटिश कोलंबिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस यानी आरसीएमपी ने आरोप लगाया है कि बिश्नोई गैंग के तार भारत सरकार के उन ‘एजेंटों’ से जुड़े हैं, जो देश में दक्षिण एशियाई समुदाय, विशेष रूप से ‘‘खालिस्तान समर्थक तत्वों” को निशाना बना रहे हैं।
भारत सरकार पर गंभीर आरोप
कनाडा की सार्वजनिक प्रसारणकर्ता कनाडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन यानी सीबीसी की रिपोर्ट में दावा किया गया कि देश के राष्ट्रीय पुलिस बल रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस यानी आरसीएमपी के प्रमुख ने भारत के संदर्भ में चौंकाने वाले आरोप लगाए। इन आरोपों के अनुसार, भारत सरकार के एजेंट कनाडा में हत्याओं सहित ‘‘व्यापक हिंसा” में भूमिका निभा रहे हैं। आरसीएमपी के प्रमुख ने चेतावनी दी थी कि इससे ‘‘देश की सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा” है। भारत ने 6 कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है और कनाडा से अपने उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा को वापस बुलाने की घोषणा की है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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