एजुकेशन सेक्टर के लिए अबकी बार बजट से उम्मीद, उच्च शिक्षा सस्ती किए जाने की है मांग

23 जुलाई को निर्मला सीतारमण संसद में आम बजट पेश करने वाली है। इस आम बजट से एजुकेशन सेक्टर की भी काफी उम्मीदें जुड़ी है। सरकार इस बजट में स्किल डेव्हलपमेंट प्रोग्रमिंग को लेकर विशेष जोर दे सकती है।
Education Sector Expectations from budget 2024
एजुकेशन सेक्टर ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 23 जुलाई को आम बजट पेश किया जाने वाला है। इस बजट से देश का हर सेक्टर उम्मीद लगाए बैठा है। ऐसे में देश के एजुकेशन सेक्टर के लिए ये बजट काफी खास हो सकता है। ये बजट से देश में स्कूली शिक्षा का भविष्य तय किया जा सकता है।

इस आम बजट से एजुकेशन सेक्टर से जुड़े कुछ विशेषज्ञों को काफी उम्मीदें है। इस बजट में एजुकेशन सेक्टर के लिए स्कूली शिक्षा से लेकर कॉलेज तक की शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जा सकता है। इस सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे है कि सरकार ने इस बजट में स्किल डेव्हलपमेंट और कॉम्पिटिटिव एक्जाम पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।

स्किल डेव्हलपमेंट पर होगा मेन फोकस

इस बजट को लेकर बड़ी बाते कही जा रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि बजट 2024 में सरकार एजुकेशन सेक्टर में स्किल डेव्हलपमेंट प्रोग्रामिंग और ट्रेनिंग पर ज्यादा फोकस कर सकती है। इस बजट में शिक्षा प्रणाली को ज्यादा किफायती और एक्सेसेबल बनाने पर जोर दिया जा सकता है। एक रिपोर्ट की माने तो सरकार इस बार नौकरी से पहले स्किल ट्रेनिंग और कॉम्पीटिटिव एग्जाम की तैयारी के सिलेबस तक से जुड़े विशेष कार्यक्रमों की पेशकश कर सकती है। इस बजट में जो छात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और निम्न आय समूह वाले बैकग्राउंड से आते है उनके लिए सरकार खास ऐलान कर सकती है। इस बजट में सरकार अपस्किलिंग कोर्सेज पर टैक्स में कमी कर सकती है, जिससे सभी इन अवसरों का लाभ उठा सकते है। इस मॉर्डन युग में छात्रों को अपने भविष्य के लिए स्किल डेव्हलपमेंट करके खुद को अपडेट रखने की भी जरूरत है।

शिक्षा पाना हो सकता है सस्ता

एजुकेशन सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ ने इस बजट को लेकर बड़ी बात कही है। उनका कहना है कि सरकार ने इस बजट में ऐसा कोई प्रावधान करना चाहिए जिससे आर्थिक रूप से वंचित छात्र भी आसानी से शिक्षा प्राप्त कर सके। इसके लिए सरकार को ऐसे छात्रों को शिक्षा खर्च पर लगने वाली जीएसटी पर छूट देना चाहिए। इन गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और निम्न आय समूह वाले बैकग्राउंड से आने वाले छात्रों को टेस्ट-प्रिप कोर्स और नौकरी से जुड़े स्किल डेव्हलपमेंट कोर्सेस के लिए लगने वाले खर्चों पर 100 प्रतिशत तक की जीएसटी छूट मिलनी चाहिए।

छात्रों को मिले सही पोषण

एक बच्चा पढ़ाई पर तभी पूरा ध्यान दे सकता है, जब वह स्वस्थ होगा। ऐसे में सरकार ने बच्चों को मिलने वाले पोषण पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए पोषण की मात्रा को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे बच्चों को सही आहार मिल सके।

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