

नई दिल्ली: सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल अब निजी कंपनियों को टक्कर देने की तैयारी में है। बीएसएनएल सितंबर के अंत तक देश के चुनिंदा शहरों में अपनी 5जी सेवा की शुरुआत कर सकती है। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, भोपाल, हैदराबाद, कोलकाता, पटना और चेन्नई में 5जी साइट्स की टेस्टिंग सफल रही है। बीएसएनएल की यह सेवा पहले से लगाए गए नए 4जी टावरों पर ही शुरू की जाएगी जिससे नेटवर्क विस्तार की गति तेज हो सके।
बीएसएनएल सूत्रों के अनुसार, कंपनी पहले यह सुनिश्चित करेगी कि देशभर में लगाए गए एक लाख 4जी टावर सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। इन टावरों के प्रदर्शन और गुणवत्ता की समीक्षा के बाद ही चरणबद्ध तरीके से 5जी सेवा का विस्तार किया जाएगा। मई 2025 तक बीएसएनएल का लक्ष्य है कि वह 1 लाख से ज्यादा 4जी टावरों को 5जी में तब्दील कर दे। संचार राज्य मंत्री पम्मसानी चंद्रशेखर ने बताया है कि कंपनी इस माह एक लाख टावर स्थापित कर चुकी है और अगली योजना पर काम शुरू है।
ग्राहकों की हो रही लगातार कमी से बीएसएनएल चिंतित
बीएसएनएल की 4जी सेवा में देरी और नेटवर्क की सीमाओं के चलते उपभोक्ता लगातार निजी कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के मुताबिक, अप्रैल 2025 में बीएसएनएल को 1.5 लाख से अधिक ग्राहकों का नुकसान हुआ है। वहीं, वोडाफोन-आइडिया ने भी 6.47 लाख ग्राहक गंवाए हैं। इस दौरान रिलायंस जियो ने 26.4 लाख और एयरटेल ने 1.71 लाख नए ग्राहक जोड़े हैं, जिससे स्पष्ट है कि बाजार में बीएसएनएल और वीआई की स्थिति कमजोर होती जा रही है।
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जियो और एयरटेल को मिल रहा ग्राहकों का भरोसा
ट्राई के आंकड़ों से पता चलता है कि बीएसएनएल और वोडाफोन छोड़ने वाले अधिकांश उपभोक्ता जियो को अपना रहे हैं। कम कीमत, बेहतर नेटवर्क और तेज इंटरनेट की वजह से जियो और एयरटेल लगातार नए ग्राहक जोड़ रहे हैं। बीएसएनएल को अपनी 5जी योजना के साथ न सिर्फ तकनीकी सुधार करने होंगे बल्कि सेवा की गुणवत्ता में भी तेजी लानी होगी ताकि वह ग्राहकों को वापस अपनी ओर आकर्षित कर सके।