
क्रेडिट कार्ड। इमेज-सोशल मीडिया
Credit Card Late Fees Rule: आधुनिक जीवन में कई बदलाव आए हैं। रहन-सहन का तरीका, कपड़ों का सलिका हो या फिर पसंदीदा चीज को खरीदना हो। एक बदलाव हमारी आर्थिक स्थिति से जुड़ी परिस्थितियों से निपटने के तरीकों में आया है। ऐसे में क्रेडिट कार्ड संजीवनी बनता है। मगर, क्रेडिट कार्ड का उपयोग सूझबुझ से ना किया जाए तो लेने के देने पड़ सकते हैं।
क्रेडिट कार्ड के बिल के ड्यू डेट तक उसका पेमेंट नहीं किया तो आपको ड्यू अमाउंट पर लेट फीस देनी पड़ती है। हालांकि, अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने क्रेडिट कार्डधारकों के लिए नियम में बदलाव किया है, जो आपको कुछ राहत दे सकता है। इसे लेकर आरबीआई ने सभी बैंकों निर्देश भी जारी कर दिया।
आप क्रेडिट कार्ड की लेट फीस से परेशान हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल, आरबीआई ने नियम कानूनों में कुछ बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत आपको तीन दिों का ग्रेस परियड दिया जाएगा। इसके अंदर भुगतान करने पर आपकी लेट फीस नहीं देनी होगी।
आपकी क्रेडिट कार्ड की फीस में देरी होने पर लगने वाला शुल्क एक निश्चित या मनमानी रकम नहीं होती, बल्कि यह आपकी बकाया राशि के अनुपात में निर्धारित की जाती है। मतलब जितना ज्यादा आपकी बकाया राशि है, लेट फिस भी उतनी ज्यादा लगाई जाती है। आपकी बकाया राशि कम है तो लेट फीस भी कम देने होगी। आपको तीन दिनों का अतिरिक्त समय मिलेगा तो आपको अतिरिक्त भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप इन बदलावों से गैर जरूरी फीस और दंड से बच सकते है।
नए नियमों के तहत बैंक आपको लेट फीस चार्ज करने से पहले सूचना देगा। फीस में किसी तरह का बदलाव होगा तो उसकी जानकारी बैंक आपको एक महीने पहले दे देगा। साथ ही बैंक 2 फैक्टर का ऑथेंटिकेशन करेगा। इससे ऑनलाइन लेन-देन की सुरक्षा बढ़ेगी।
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लेट फीस से बचने के लिए क्रेडिट कार्ड बिलों की जांच करते रहें। उन्हें टाइम-टू-टाइम चेक करना है। संभव हो तो ऑटोमेटिक पेमेंट सेटअप कर दें। अपने खर्चों को बेहतर ढंग से मैनेज करें।






