कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (फोटो- सोशल मीडिया)
Digvijay Singh Remark on Mohan Bhagwat: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पटना में एक बड़ा राजनीतिक बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि ‘भागवत जी खुद कुंवारे हैं, उन्हें दूसरों को सलाह देना बंद करना चाहिए।’ दिग्विजय सिंह का यह बयान उस वक्त आया जब वह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने न केवल भागवत पर व्यक्तिगत टिप्पणी की, बल्कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
दिग्विजय सिंह ने मोहन भागवत के आरक्षण पर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि बिहार के युवा जनता की आवाज को मजबूती से बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जोड़ी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी तपस्वी हैं और तेजस्वी युवा नेता। जब एक तपस्वी और एक तेजस्वी एक साथ हों तो बिहार और देश की जनता की आवाज और भी बुलंद होगी।’ उनका यह बयान बिहार की राजनीति में एक नए समीकरण का संकेत दे रहा है।
मोहन भागवत पर हमला बोलने के साथ-साथ दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के एक विभाग की तरह काम कर रहा है। उन्होंने बिहार में चल रही ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का जिक्र करते हुए मतदाता सूची की पारदर्शिता पर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि वोटर लिस्ट का सही तरीके से पुनरीक्षण होना चाहिए और जिन लोगों के नाम काटे या जोड़े गए हैं, उनका पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मतदाताओं के नाम काटना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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दिग्विजय सिंह ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए एक बड़ी मांग रखी। उन्होंने कहा कि हर मतदाता को VVPAT की पर्ची हाथ में मिलनी चाहिए, ताकि वह यह सुनिश्चित कर सके कि उसका वोट सही जगह पर गया है या नहीं। उन्होंने इसे लोकतंत्र का बुनियादी अधिकार बताया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर की गई अभद्र टिप्पणी के सवाल पर उन्होंने इसकी निंदा की। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की संस्कृति कभी भी किसी के परिवार पर व्यक्तिगत या अपशब्द कहने की नहीं रही है और इस मामले में दोषी की पहचान कर उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।