'कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता', केवल हित सर्वोपरि; राजनाथ सिंह ने दुनिया को दिया बड़ा संदेश

Rajnath Singh: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक राजनीति को लेकर एक बड़ा स्टेटमेंट दिया है। उन्होंने कहा कि दुनियां का कोई देश मित्र या शत्रु नहीं होता है सब अपने हित के लिए काम कर रहे होते है।
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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फोटो- सोशल मीडिया)
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Rajnath Singh Statement: राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बयान चर्चा में है। उन्होंने साफ कहा कि वैश्विक राजनीति और व्यापार की बदलती तस्वीर में कोई स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता, केवल राष्ट्रीय हित स्थायी रहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि आज दुनिया में व्यापार के लिए युद्ध जैसी स्थिति बन चुकी है।

राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि विकसित देश संरक्षणवाद की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन भारत किसी भी परिस्थिति में अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने जोर दिया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। सरकार का लक्ष्य है कि भारत रक्षा उत्पादन में विदेशी आपूर्ति पर निर्भर न रहे और अपनी क्षमताओं को पूरी तरह विकसित करे।

हवाई सुरक्षा के लिए 'सुदर्शन चक्र मिशन'

एक निजी चैनल के समिट में बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार हवाई सुरक्षा प्रणाली 'सुदर्शन चक्र' मिशन के तहत अगले दस वर्षों में देशभर के अहम स्थलों को पूरी तरह सुरक्षित करेगी। उन्होंने बताया कि यह सिस्टम दुश्मन के किसी भी हमले से बचाव करने और तत्काल जवाब देने में सक्षम होगा। सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आई जरूरतों ने यह साबित कर दिया कि भविष्य की लड़ाइयों में एयर डिफेंस की भूमिका निर्णायक होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना की घोषणा स्वतंत्रता दिवस पर की थी।

आत्मनिर्भरता ही सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की कुंजी

राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते हालात में आत्मनिर्भरता केवल सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे आर्थिक ढांचे की स्थिरता सुनिश्चित करने का माध्यम भी है। सिंह ने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता को संरक्षणवाद की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, यह राष्ट्रीय संप्रभुता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज के दौर में भारत को हर स्थिति में आत्मनिर्भर होना होगा। यह केवल लोगों की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य की स्थिरता भी इसी पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि भारत अपने दम पर रक्षा क्षेत्र में नए आयाम तय करेगा और वैश्विक मंच पर मजबूत पहचान बनाएगा।

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