
राहुल गांधी और खड़गे। इमेज-सोशल मीडिया
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव को कुछ समय ही हुआ है। इस बीच कांग्रेस विधायकों में उथल-पुथल जारी है। विधायकों की नाराजगी का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि वे पार्टी अध्यक्ष और बिहार प्रभारी द्वारा बुलाई गई बैठक में भी भाग नहीं ले रहे हैं। बिहार में बड़ी हार के बाद से कांग्रेस में उथल-पुथल मची है। पार्टी विधायकों का मीटिंग में न आना अब सुर्खियों में है।
बिहार में विरोधी लगातार दावा कर रहे कि कांग्रेस के कुछ विधायक सत्ता पक्ष में आना चाह रहे हैं। कांग्रेस भी अपने विधायकों को बचाने में जुटी है। ऐसे विधायकों को पार्टी में रखने और उनकी नाराजगी दूर करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात कराई जाएगी। पार्टी की कोशिश है कि डैमेज कंट्रोल किया जाए और बिहार में कांग्रेस को जीरो होने से बचाए।
2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 19 उम्मीदवार जीते थे। इस बार केवल 6 विधायक हैं। ये भी दूसरे दलों की ओर ताक-झांक कर रहे हैं। सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री दावा कर रहे कि कांग्रेस विधायक पाला बदलने को तैयार हैं। इन दावे के बाद कांग्रेस में घबराहट बढ़ गई है। चर्चा है कि प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने नाराज विधायकों को मनाने की कोशिशें कीं, लेकिन नाराज विधायकों ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। अब अंतिम प्रयास दिल्ली में होगा। इसे लेकर 23 जनवरी को दिल्ली में मीटिंग होगी। उसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे नाराज विधायकों से बात करेंगे।
बिहार के नाराज विधायकों की राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात होनी है। चुनाव के दो महीने बीतने के बावजूद पार्टी में आपसी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। कुछ लोग पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और बिहार के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू को पसंद नहीं करते हैं। दोनों पर आरोप लगाया जा रहा कि इनके रहते पार्टी और संगठन मजबूत नहीं हो सकता है।
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विधानसभा का पहला सत्र बीत गया, मगर कांग्रेस विधायक दल के नेता का चयन नहीं कर सकी। अगले महीने विधानसभा का बजट सत्र शुरू होना है। इसके बावजूद पार्टी के नेता हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। यही वजह है कि कुछ विधायकों ने प्रदेश नेतृत्व से दूरी बना रखी है।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने मनरेगा आंदोलन को लेकर बैठक बुलाई थी। उसमें चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन और वाल्मिकीनगर विधायक सुरेंद्र कुशवाहा नहीं मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू की बैठक में तो अभिषेक रंजन और मनिहारी विधायक मनोहर प्रसाद सिंह भी नहीं रहे। वैसे, पार्टी के लोगों का कहना है कि दोनों विधायकों ने बैठक में नहीं आने की सूचना दे दी थी।






