-
गुरु, 16 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Bihar »
- Bihar Politics Ram Vilas Paswan Muslim Cm Condition Lalu Prasad Yadav Rjd
सियासत-ए-बिहार: जब ‘सियासी मौसम वैज्ञानिक’ ने RJD को दे दिया वनवास, एक शर्त ने तोड़ दिया लालू के ‘MY’ समीकरण का तिलिस्म
- Written By: अभिषेक सिंह
बिहार में चुनाव होने वाले हैं। इस चुनावी माहौल हलचलों के बीच हम भी हर रोज 'सियासत-ए-बिहार' की एक कहानी लेकर आपके बीच हाजिर हो रहे हैं। आज की किश्त में बात 2005 के पहले चुनाव की...

लालू प्रसाद यादव (डिजाइन फोटो)
पटना: बिहार देश के उन सूबों में पहले पायदान पर आता है जहां से निकली सियासी कहानियां ‘दस्तावेज’ बन जाती हैं। यहां की हर एक गली और कूचे में राजनीति पर बारीक नज़र रखने वाले लोग और सूबे का कोई न को दिलचस्प सियासी किस्सा मिल ही जाता है। बात जब समूचे राज्य के किसी बड़े सियासतदान से जुड़ी घटना की हो तब तो क्या ही कहना…
बिहार में इंतख़ाब की घड़ियां नजदीक हैं। सियासी दल और सियासतदान अपने विरोधियों को मात देने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं। जनता चुनावी माहौल में राजनैतिक चर्चाओं में जुट गई है। सियासी पंडित चुनावी समीकरण और गुणा गणित लगाने में जुट गए हैं। इन हलचलों के बीच हम भी हर रोज ‘सियासत-ए-बिहार’ की एक कहानी लेकर आपके बीच हाजिर हो रहे हैं।
बिहार की सियासत और गठबंधन
बिहार की राजनीति लंबे समय से गठबंधन के इर्द-गिर्द घूमती रही है। आखिरी पूर्ण बहुमत की सरकार साल 1995 में जनता दल ने बनाई थी। तब झारखंड और बिहार एक ही हुआ करते थे। लेकिन इसके बीच कार्यकाल में ही लालू यादव ने जनता दल से नाता तोड़ते हुए 1997 में आरजेडी का गठन किया। उन्हें 163 विधायकों का समर्थन था बाकी जेएमएम और कांग्रेस को मिलाकर आरजेडी की सरकार बना ली।
सम्बंधित ख़बरें
बांकीपुर की जनता के बीच पहुंचे नितिन नबीन, BJP उम्मीदवार के समर्थन में किया चुनाव प्रचार- VIDEO
‘हाफ एनकाउंटर’ पर भड़के पप्पू यादव, बोले- कानून से नहीं चलेगा बिहार- VIDEO
बांकीपुर उपचुनाव: पहले गिरफ्तारी और अब पत्ता साफ, क्यों खारिज हुआ तेज प्रताप की उम्मीदवार वीणा मानवी का पर्चा?
Bihar Bypoll: नीरज सिन्हा के लिए प्रचार करने पहुंचे नितिन नबीन, बोले- बांकीपुर की जनता ने काम करना सिखाया
2005 से सीएम हैं नीतीश कुमार
2000 के चुनाव में फिर से आरजेडी ने 124 सीटें जीतीं और राबड़ी देवी 2005 तक सूबे की सीएम रहीं। इसके बाद पिछले 20 सालों यानी 2005 से नीतीश कुमार गठबंधन सरकार चला रहे हैं, हालांकि इससे पहले भी कई गठबंधन सरकारें बनी हैं। जब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, तब भी गठबंधन सरकार बनी थी।
गठबंधन की राजनीति के कारण ही एक-दूसरे के कट्टर विरोधी माने जाने वाले लालू और नीतीश 2015 के चुनाव में साथ आए थे। लेकिन आज बात करते हैं उस चुनाव की जिसमें रामविलास पासवान ‘किंगमेकर’ की भूमिका में थे और उनके एक कदम ने लालू यादव और उनकी पार्टी को बिहार की सत्ता से बेदखल कर दिया था।
2005 चुनाव में क्या कुछ हुआ?
साल था 2005, राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री थीं। फरवरी-मार्च में हुए बिहार विधानसभा चुनाव ने एक तरफ जहां सभी राजनीतिक पंडितों को चुप करा दिया, वहीं चौथी बार सत्ता का सपना देख रही आरजेडी सत्ता से दूर रह गई। इस चुनाव परिणाम में सत्ताधारी पार्टी आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी लेकिन सरकार बनाने से काफी दूर रह गई।
‘किंगमेकर’ बन गए रामविलास पासवान
वहीं, तत्कालीन विपक्ष एनडीए गठबंधन था, जो भी सत्ता से काफी दूर रह गया। दरअसल, इस चुनाव परिणाम में लोक जनशक्ति पार्टी ‘किंगमेकर’ बनकर उभरी। लोजपा ने इस चुनाव में 29 सीटों पर जीत हासिल की। जिसके बाद स्थिति यह हुई कि वह जिसके साथ जाएगी, सूबे में उसकी सरकार बन जाएगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान का बिहार ही नहीं बल्कि देश की राजनीति में भी काफी बड़ा स्थान रहा है। इसका अंदाजा सिर्फ एक चुनाव परिणाम से ही नहीं बल्कि उनके जीवन से भी लगाया जा सकता है। रामविलास एकमात्र ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने देश के 6 प्रधानमंत्रियों के साथ केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम किया। पासवान को ‘राजनीतिक का मौसम वैज्ञानिक’ भी कहा जाता था।
कांग्रेस से मिलकर लड़ा था चुनाव
2005 के चुनाव परिणाम में लोजपा के खाते में 29 सीटें आई थीं। उस समय रामविलास केंद्र की यूपीए सरकार में मंत्री थे। उन्होंने यह चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ा था, कांग्रेस को सिर्फ 10 सीटें मिली थीं। जबकि आरजेडी को 75, जेडीयू को 55 और बीजेपी को 37 सीटें मिली थीं।
पासवान ने लालू के सामने रखी बड़ी शर्त
इस चुनाव परिणाम के बाद किंग मेकर की भूमिका में रामविलास पासवान ने लालू प्रसाद के सामने यह शर्त रखी कि अगर लालू प्रसाद मुसलमानों के सच्चे हितैषी हैं तो उन्हें राज्य की कमान किसी मुसलमान को सौंप देनी चाहिए, ऐसी स्थिति में लोजपा उस सरकार का समर्थन करेगी।
…और मात खा गए लालू प्रसाद यादव
लालू यादव किसी भी हालत में सत्ता की कुर्सी अपने परिवार से जाने नहीं देना चाहते थे। यह सारी राजनीतिक गतिविधि उस समय हो रही थी जब लालू यादव और रामविलास पासवान दोनों ही केंद्र की यूपीए सरकार में मंत्री थे। लेकिन रामविलास ने लालू यादव के खिलाफ पूरी तरह से मोर्चा खोल दिया था, चुनाव के दौरान भी उन्होंने खूब प्रचार किया था कि लालू और आरजेडी की सरकार सबसे भ्रष्ट है और यहां जंगल राज होगा। रामविलास पासवान की एक चाल से लालू प्रसाद पूरी तरह से मात खा गए थे।
लालू यादव की पार्टी को मिल गया वनवास
दरअसल, एम वाय यानी मुस्लिम+यादव समीकरण के तहत लालू यादव और राबड़ी देवी ने बिहार में तीन बार सत्ता का स्वाद चखा था। ऐसे में रामविलास 2025 के चुनाव परिणाम में खुद को मुसलमानों का सच्चा हितैषी दिखाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, इसका नतीजा यह हुआ कि रामविलास को सत्ता नहीं मिली और लालू यादव और उनकी पार्टी आज तक बिहार में वनवास से वापस नहीं आ पाई है।
अधूरा रह गया सीएम बनने का सपना
हालांकि 2015 और 2022 में आरजेडी नीतीश सरकार का हिस्सा जरूर रही, लेकिन मुख्यमंत्री का सपना अधूरा रह गया। 2015 और 2020 के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी (आरजेडी) होने के बावजूद लालू के बेटे तेजस्वी को उपमुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा।
बिहार में लगाना पड़ा राष्ट्रपति शासन
2005 के बिहार चुनाव में एलजेपी से 29 विधायक जरूर चुने गए थे। लेकिन उनके ज्यादातर विधायक वो थे जो धन और बाहुबल के बल पर विधानसभा पहुंचे थे और रामविलास के मुस्लिम मुख्यमंत्री के कदम के बाद धीरे-धीरे 12 विधायक टूटने की कगार पर पहुंच गए। पार्टी को टूटता देख रामविलास ने राज्यपाल से राष्ट्रपति शासन की अपील की और फिर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
यह भी कहा जाता है कि अगर रामविलास ने लालू यादव के सामने मुस्लिम मुख्यमंत्री की शर्त नहीं रखी होती तो शायद आज का राजनीतिक परिदृश्य कुछ और होता। यह भी माना जाता है कि नीतीश कुमार के बिहार के पूर्णकालिक मुख्यमंत्री बनने की संभावना बहुत कम थी।
यह भी माना जाता है कि अक्टूबर-नवंबर 2005 और 2010 के विधानसभा चुनावों में मुस्लिम मुख्यमंत्री की रामविलास की शर्त न मानने का खामियाजा लालू यादव को भुगतना पड़ा था। राष्ट्रपति शासन के बाद हुए चुनावों में नीतीश कुमार मुसलमानों को अपने पक्ष में लाने में सफल रहे और राज्य की सत्ता में आ गए।
Bihar politics ram vilas paswan muslim cm condition lalu prasad yadav rjd
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal: गुरुवार को इस राशि की चमकेगी किस्मत, जानें सभी राशियों का दैनिक राशिफल
Jul 16, 2026 | 12:10 AM‘राम एक शादी करते हैं तो रहीम से भी यही उम्मीद…’ इंदौर में UCC पर बोले सीएम मोहन यादव- देखें VIDEO
Jul 15, 2026 | 11:23 PMआगरा कैंट विवाद: ट्रेनों को रोकना राष्ट्रविरोधी है, आरपीएफ कमांडेंट का विस्फोटक बयान; देखें VIDEO
Jul 15, 2026 | 11:22 PMगैरकानूनी काम करने वाले ही दिल्ली के चक्कर लगाते हैं…अरविंद सावंत का बागी सांसदों पर तीखा हमला
Jul 15, 2026 | 11:20 PMगलती हो गई, दोबारा अपराध नहीं करूंगा… कानपुर पुलिस ने गोली चलाने वाले बदमाश का 2 KM निकाला पैदल जुलूस- VIDEO
Jul 15, 2026 | 11:11 PMDhamaal 4 Collection: ‘वेलकम टू द जंगल’ पर भारी पड़ी अजय देवगन की ‘धमाल 4’, जल्द बनाएगी 100 करोड़ क्लब में जगह
Jul 15, 2026 | 11:08 PM2027 में योगी नहीं होंगे CM फेस? BJP प्रदेश अध्यक्ष के बयान से सियासी भूचाल! बताया कौन बनेगा मुख्यमंत्री
Jul 15, 2026 | 11:02 PMवीडियो गैलरी

बाबा रामदेव के बयान पर भड़के वारिस पठान, कहा- मुसलमान किसी के बाप से नहीं डरता, देखें VIDEO
Jul 15, 2026 | 10:58 PM
केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का बढ़ा विरोध, महिलाओं ने सजाई प्रतीकात्मक चिता और फांसी का फंदा; देखें VIDEO
Jul 15, 2026 | 10:45 PM
या तो फांसी दो या एनकाउंटर करो! गौतम यादव के इंसाफ के लिए कैंडल मार्च निकाल रहे ग्रामीण! देखें VIDEO
Jul 15, 2026 | 10:35 PM
दोषी बर्खास्त नहीं हुए तो दे देंगे जान…आगरा कैंट स्टेशन की पटरियों पर कूदा डिप्टी SS का परिवार, VIDEO वायरल
Jul 15, 2026 | 10:30 PM
रूह कंपा देने वाला वीडियो! स्कूल जाने के लिए उफनती नदी पार करते मासूम, दांव पर लगी जिंदगी! देखें VIDEO
Jul 15, 2026 | 09:42 PM
ताजमहल में विदेशी महिला की खुलने लगी साड़ी, महिला कांस्टेबल ने किया कुछ ऐसा कि उड़ जाएंगे होश! देखें VIDEO
Jul 15, 2026 | 08:20 PM














