
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
Phalodi Satta Bazar: बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले देश भर के सट्टा बाजारों को लेकर हलचल तेज हो चुकी है। दूसरे चरण के मतदान के बाद राजस्थान के मशहूर फलोदी सट्टा बाजार का मूड थोड़ा सा बदला है। वहीं, एग्जिट पोल आने के बाद इस सट्टा बाजार में चौंकाने वाला भाव चल रहा है।
राजस्थान के फलोदी सट्टा बाजार में नीतीश और तेजस्वी दोनों पर ही बोली लग रही है। ऐसे में दोनों के लिए संभावनाएं बनती दिख रही हैं। बाजार के मुताबिक, तेजस्वी के सीएम बनने का पलड़ा नीतीश की तुलना में थोड़ा भारी ही है। लेकिन सीटों को लेकर नया कोई अनुमान सामने नहीं आया है।
फलोदी सट्टा बाजार में नीतीश कुमार के एनडीए के सत्ता में आने पर सीएम बनने की संभावना 60 फीसदी ही चल रही है। तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनने पर 97% तक सीएम बनने की संभावना है। इस लिहाज से महागठबंधन और तेजस्वी यादव के लिए ये खुशखबरी जरूर कही जा सकती है।
सट्टा बाजार के अनुमानों की बात करें, तो पिछले कुछ सालों में इसने कई बार हैरान किया है। साल 2015 में दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में आप की आंधी का अनुमान राजनीतिक विश्लेषक भी नहीं लगा पाए थे। लेकिन फलोदी सट्टा बाजार में इसकी संभावना पहले ही जताई गई थी।
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बीते साल दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी सट्टा बाजार के अनुमान लगभग सटीक साबित हुए थे। जबकि, सट्टा बाजार संभावनाओं के खेल पर चलता है और चुनावी नतीजे मतों पर आधारित होती है। बिहार में क्या होगा इसकी तस्वीर 14 नवंबर को ईवीएम खुलने के बाद ही साफ होगी।
फलोदी सट्टा बाजार की बात करें तो यह राजस्थान के मारवाड़ इलाके का एक छोटा सा कस्बा है। हालांकि, इसके अनुमान और सट्टा बाजार के आंकड़ों की चर्चा अब पूरे देश में होने लगी है। यहां का सट्टा बाजार चुनाव और खेलों के नतीजों को लेकर सटीक अनुमान लगाने के लिए जाना जाता है।
इस सब के बीच यह ध्यान रखना जरूरी है कि भारत में चुनावों पर सट्टा लगाना गैरकानूनी है। कानून के अनुसार, बिना सरकारी अनुमति के किसी भी तरह का सट्टा या जुआ खेलना अपराध है, जिसके लिए कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। इसके बावजूद, देश में चुनावों के दौरान सट्टा बाज़ार का मिज़ाज चर्चा में रहता है।






