- Hindi News »
- Bihar »
- Bibhutipur Assembly Constituency Seat Profile Influence Of Leftist Parties Increased
बिभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र में बढ़ा है वामपंथी दलों का प्रभाव, याद रहेगा 2020 का झटका
Bihar Assembly Elections: बिभूतिपुर विधानसभा सीट पर वामपंथी दलों, विशेष रूप से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम), की मजबूत पकड़ रही है। NDA की सहयोगी JDU ने यहां सिर्फ एक बार जीत दर्ज की।
- Written By: आकाश मसने

बिभूतिपुर विधानसभा सीट (डिजाइन फोटो)
Bibhutipur Assembly Constituency Profile: बिहार का समस्तीपुर जिला लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसी जिले की बिभूतिपुर विधानसभा सीट पर वामपंथी दलों, विशेष रूप से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई-एम), की मजबूत पकड़ रही है। एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू ने यहां सिर्फ एक बार जीत दर्ज की है, लेकिन पिछला चुनाव उनके लिए निराशाजनक रहा।
इतिहास और राजनीतिक बदलाव
बिभूतिपुर विधानसभा क्षेत्र की स्थापना 1967 में हुई थी। पहले विधायक परमानंद सिंह मदन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) से चुने गए थे। 1969 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के गंगा प्रसाद श्रीवास्तव ने जीत हासिल की। इसके बाद 1972 और 1977 में कांग्रेस के बंधू महतो ने सीट पर कब्जा जमाया।
1980 में सीपीआई-एम के रामदेव वर्मा विधायक बने और 1990 के बाद से उन्होंने लंबे समय तक इस सीट पर अपना दबदबा बनाए रखा। यह दर्शाता है कि वामपंथी विचारधारा यहां की राजनीति में गहराई से रची-बसी है।
सम्बंधित ख़बरें
बिहार में राज्यसभा चुनाव से पहले विधानसभा को मिली बम से उड़ाने की धमकी, 16 मार्च को होना है चुनाव
बिहार में NDA विधायकों को सम्राट चौधरी ने अचानक बुलाया घर, राज्यसभा चुनाव से पहले गेम शुरू!
उपेंद्र कुशवाहा या शिवेश राम…बिहार में कौन होगा NDA का 5वां उम्मीदवार, RS चुनाव में कौन फंसेगा बीच मंझधार?
कौन बनेगा बिहार का नया मुख्यमंत्री…मधेपुरा से आई तस्वीर ने दे दिया जवाब! आखिर किसका पूरा होगा ख्वाब?
एनडीए की कोशिशें और 2020 का झटका
2010 और 2015 में जदयू के रामबालक सिंह ने इस सीट पर जीत दर्ज की, जिससे एनडीए को थोड़ी राहत मिली। लेकिन 2020 में सीपीआई-एम के अजय कुमार ने उन्हें 40,496 वोटों के भारी अंतर से हराकर वामपंथ की वापसी सुनिश्चित की।
अजय कुमार को कुल 73,822 वोट मिले, जबकि रामबालक सिंह को 33,326 वोट ही मिल सके। एलजेपी के चंद्रबली ठाकुर तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें 28,811 वोट प्राप्त हुए। उस चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 60.93 रहा और 384 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
जनसंख्या और सामाजिक संरचना
बिभूतिपुर पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्र है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां अनुसूचित जाति के 47,689, अनुसूचित जनजाति के 108 और मुस्लिम मतदाता लगभग 16,974 हैं। यह सामाजिक संरचना चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभाती है।
आर्थिक आधार: कृषि और लघु उद्योग
इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। उपजाऊ मिट्टी में धान, गेहूं, मक्का और दालों की खेती बड़े पैमाने पर होती है। इसके अलावा, लघु उद्योग और हस्तशिल्प भी स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का स्रोत हैं, जो क्षेत्र की आर्थिक विविधता को दर्शाते हैं।
भौगोलिक स्थिति और विकास की चुनौतियां
बिभूतिपुर से लगभग 9 किलोमीटर दूर रोसड़ा कस्बा क्षेत्रीय व्यापार का केंद्र है। जिला मुख्यालय समस्तीपुर 27 किलोमीटर दूर है, जबकि मंडल मुख्यालय दरभंगा की दूरी लगभग 125 किलोमीटर है। यह भौगोलिक दूरी क्षेत्र के विकास और सुविधाओं की उपलब्धता में बाधा बन सकती है।
यह भी पढ़ें:- अमनौर विधानसभा सीट : राजीव प्रताप रूडी के प्रभाव वाले इलाके में राजनीति, कृषि और संस्कृति का संगम
रणनीति और समीकरणों की परीक्षा
इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में बिभूतिपुर सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। महागठबंधन, विशेष रूप से सीपीआई-एम, इस सीट पर मजबूत स्थिति में है। हालांकि, अगर एनडीए जातिगत समीकरणों का संतुलन साधे और प्रभावशाली उम्मीदवार उतारे, तो चुनावी तस्वीर बदल सकती है।
जीत की असली कुंजी
बिभूतिपुर की राजनीति में जाति, संगठन और रणनीति का समन्वय ही जीत का निर्धारक होता है। उम्मीदवार की छवि, पार्टी की पकड़ और सामाजिक समीकरणों की समझ इस सीट पर सफलता की कुंजी साबित होगी। आगामी चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एनडीए इस गढ़ को भेद पाता है या वामपंथी दल अपनी पकड़ और मजबूत करते हैं।
Bibhutipur assembly constituency seat profile influence of leftist parties increased
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
क्या सच में खत्म हो रही हैं नदियां? इंटरनेशनल डे ऑफ एक्शन फॉर रिवर्स पर जानें क्यों खतरे में है हमारा भविष्य
Mar 14, 2026 | 06:10 AMहोंडा को लगा बड़ा झटका, EV प्लान में बदलाव से 16 बिलियन डॉलर का नुकसान, अब भारत में बदलेगी रणनीति
Mar 14, 2026 | 05:53 AM61 साल के हुए आमिर खान, किरदार में ढलने के लिए सीखी कई भाषाएं, यूनिक मार्केटिंग से बने ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’
Mar 14, 2026 | 05:49 AMAaj Ka Rashifal 14 March: शनिवार को इन 4 राशियों पर मेहरबान रहेंगे शनिदेव! क्या आपकी राशि है इसमें शामिल?
Mar 14, 2026 | 05:00 AMInternational Pi Day: ब्रह्मांड के हर पहिये में छिपा है यह रहस्यमयी नंबर, क्या आप जानते हैं इसका सच?
Mar 14, 2026 | 04:00 AMमोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी खबर, अब Android फोन होंगे और भी तेज, Google ला रहा नई टेक्नोलॉजी
Mar 14, 2026 | 03:42 AMशनिवार को भूलकर भी इन चीजों का दान न करें, वरना बुरा समय तुरंत सताने लगेगा।
Mar 14, 2026 | 12:04 AMवीडियो गैलरी

ट्रेन में मां-बेटी का हाई वोल्टेज ड्रामा! सीट के लिए यात्री को पीटा, फिर स्टेशन पर परिवार बुलाकर रुकवाई ट्रेन
Mar 13, 2026 | 09:48 PM
पेट्रोलियम मंत्री पर राहुल गांधी के संगीन आरोप, एपस्टीन फाइल और जॉर्ज सोरोस का जिक्र कर सरकार को घेरा- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:28 PM
हैदराबाद में पोस्टर पॉलिटिक्स, माधवी लता ने फाड़े ओवैसी की इफ्तार पार्टी के बैनर; शुरू हुआ घमासान- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:22 PM
जंग के बीच क्यों चर्चा में है ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’? जानें दुनिया की इस लाइफलाइन का पूरा इतिहास- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:16 PM
UP में ब्राह्मण Vs ठाकुर! हालिया विवाद पर खुलकर बोले अविमुक्तेश्वरानंद, सीएम योगी पर भी साधा निशाना- VIDEO
Mar 13, 2026 | 09:11 PM
संसद में बिगड़े सपा सांसद के बोल, लोकसभा में दे रहे थे भाषण, अचानक गुस्से में देने लगे गाली
Mar 13, 2026 | 01:47 PM














