Bajaj Auto : इस ऑटोमोबाइल कंपनी को लेकर आयी बड़ी न्यूज, राजीव बजाज फिर से बने एमडी और सीईओ का चेहरा

आपको बता दें कि पूंजी निवेश नकद राशि के माध्यम से किया जाने वाला है, जिसका उद्देश्य बीएसीएल की ग्रोथ को सपोर्ट करना है और पर्याप्त मात्रा में पूंजी रखना है ताकि कंपनी के ऑपरेटिंग के विस्तार में आसानी हो।
आपको बता दें कि पूंजी निवेश नकद राशि के माध्यम से किया जाने वाला है, जिसका उद्देश्य बीएसीएल की ग्रोथ को सपोर्ट करना है और पर्याप्त मात्रा में पूंजी रखना है ताकि कंपनी के ऑपरेटिंग के विस्तार में आसानी हो।
राजीवनयन राहुलकुमार बजाज (सौ. सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

नई दिल्ली : ऑटोमोबाइल सेक्टर की बड़ी कंपनियों में से एक बजाज ऑटो लिमिटेड को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि बजाज ऑटो लिमिटेड ने राजीवनयन राहुलकुमार बजाज को फिर से एक बार 5 सालों के लिए अपने मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ के तौर पर चुना है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में ये जानकारी दी है कि मंगलवार को हुई मीटिंग में बोर्ड ने इसके लिए परमिशन दे दी है। आपको बता दें कि उनका मौजूदा कार्यकाल 31 मार्च, 2025 को खत्म होने जा रहा है।

साथ ही ये भी जानकारी दी जा रही है कि बोर्ड ने अभिनव बिंद्रा को आने वाले 5 सालों के लिए नॉन एक्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रुप में चुना है। ये उनका दूसरा कार्यकाल होने वाला है। उनका मौजूदा कार्यकाल 19 मई, 2025 को खत्म हो गया था। बजाज ऑटो के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बजाज ऑटो क्रेडिट लिमिटेड यानी बीएसीएल में 1,500 करोड़ रुपये तक के एक्स्ट्रा फंड के इंवेस्टमेंट को भी परमिशन दे दी है। ये इंवेस्टमेंट वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1 या 1 से ज्यादा किश्तों में इक्विटी कैपिटल, सबऑर्डिनेटेड डेब्ट या प्रिफरेंस कैपिटल के माध्यम से किया जाने वाला है।

बीएसीएल का ये है काम

आपको बता दें कि पूंजी निवेश नकद राशि के माध्यम से किया जाने वाला है, जिसका उद्देश्य बीएसीएल की ग्रोथ को सपोर्ट करना है और पर्याप्त मात्रा में पूंजी रखना है ताकि कंपनी के ऑपरेटिंग के विस्तार में आसानी हो। 6 दिसंबर, 2021 को निगमित और 1 जनवरी, 2024 से बिजनेस शुरू करने वाली बीएसीएल बजाज ऑटो की 10 प्रतिशत कैप्टिव फाइनेंस सब्सिडियरी कंपनी है। ये एक नॉन बैंकिंक फाइनेंस कंपनी के तौर पर काम करती है, जो बजाज ऑटो और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों को गाड़ियों की मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग के लिए फाइनेंसिंग करती है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com