- Hindi News »
- Automobile »
- Automatic Vs Manual Know Which Transmission Is Right For You Before Buying A Car
Automatic vs Manual: कार खरीदने से पहले जानें कौन-सा ट्रांसमिशन है आपके लिए सही
Car Transmission: इसके साथ ही बदल रहे हैं कारों में इस्तेमाल होने वाले ट्रांसमिशन सिस्टम। आज मार्केट में मैनुअल ट्रांसमिशन (MT) से लेकर ड्यूल क्लच ट्रांसमिशन (DCT), CVT, AMT, IMT और टॉर्क कन्वर्टर है।
- Written By: सिमरन सिंह

Automatic vs Manual में क्या है अतंर। (सौ. AI)
Automatic Vs Manual: भारत का ऑटोमोबाइल बाजार लगातार विकसित हो रहा है और इसके साथ ही बदल रहे हैं कारों में इस्तेमाल होने वाले ट्रांसमिशन सिस्टम। आज मार्केट में मैनुअल ट्रांसमिशन (MT) से लेकर ड्यूल क्लच ट्रांसमिशन (DCT), CVT, AMT, IMT और टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमेटिक (AT) तक कई विकल्प मौजूद हैं। हर ट्रांसमिशन की अपनी कार्यप्रणाली, फायदे और कमियाँ हैं। इनकी विस्तृत जानकारी नीचे पढ़ें।
1. मैनुअल ट्रांसमिशन (MT): सबसे पुराना, सबसे भरोसेमंद
मैनुअल ट्रांसमिशन का आविष्कार 1980 में एक फ्रेंच इन्वेंटर ने किया था।
• इसमें गियर बॉक्स, क्लच पैडल और विभिन्न साइज़ के गियर शामिल होते हैं।
• गियर बदलने के लिए क्लच पैडल दबाकर गियर लीवर से शिफ्टिंग करनी होती है।
• इसमें आरपीएम मैच न होने पर ‘जर्क’ महसूस हो सकता है।
सम्बंधित ख़बरें
Honda का धमाका, अप्रैल में 5.63 लाख यूनिट्स की बिक्री, 1500 करोड़ का बड़ा दांव
मई में कार खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले, Honda से Tata तक लॉन्च होंगी ये धांसू गाड़ियां, देखें पूरी लिस्ट
ड्राइविंग में नींद आई तो बजेगा अलार्म, गंगा एक्सप्रेसवे पर Music Road का कमाल, जानिए इसके पीछे का साइंस
दिल्ली में ई-रिक्शा किराया डबल, अब 10 नहीं 20 रुपये में होगा सफर, जेब ढीली होना तय
फायदे: पूरी कंट्रोलिंग ड्राइवर के पास, कम कॉस्ट, कम मेंटेनेंस और बेहतरीन रिलायबिलिटी।
नुकसान: ट्रैफिक में बार-बार गियर बदलना परेशान करता है, नए ड्राइवरों के लिए कठिन।
2. ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन (AT): टॉर्क कन्वर्टर वाली स्मूथ ड्राइव
यह सबसे पहला सच्चा ऑटोमेटिक सिस्टम माना जाता है।
• इसमें क्लच की जगह टॉर्क कन्वर्टर होता है, जिसमें पंप और टर्बाइन पावर ट्रांसफर करते हैं।
• स्पीड के हिसाब से गियर बदलने के लिए प्लैनेटरी गियर सिस्टम और मेट्रॉनिक सिस्टम होता है।
फायदे: क्लच पैडल की जरूरत नहीं, स्मूथ परफॉर्मेंस।
नुकसान: फ्यूल एफिशिएंसी कम, ज्यादा मेंटेनेंस और थोड़ा लैग।
3. कंटीन्यूअस वेरिएबल ट्रांसमिशन (CVT): बिना गियर वाली स्मूथ राइड
1958 में लॉन्च हुआ यह सिस्टम पुली और बेल्ट पर आधारित है।
• पुली का डायमीटर बदलकर गियर रेशियो एडजस्ट होता है।
फायदे: स्मूथ ड्राइविंग, बेहतर माइलेज।
नुकसान: एक्सीलरेशन में ‘रबर-बैंड इफेक्ट’, कम रिलायबिलिटी, हाई मेंटेनेंस।
ये भी पढ़े: भारत अब आसानी से तबाह करेगा दुश्मन के ड्रोन्स-मिसाइल, जर्मनी से खरीदेगा ओरलिकॉन स्काईशील्ड सिस्टम
4. ड्यूल क्लच ट्रांसमिशन (DCT): सबसे स्पोर्टी और सबसे तेज
1980 में आया यह हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम दो क्लच के साथ काम करता है।
• एक गियरबॉक्स में ऑड और दूसरे में इवन गियर रहते हैं, जिससे गियर प्री-इंगेज होते हैं।
फायदे: बेहद तेज शिफ्टिंग, कम पावर लॉस, शानदार परफॉर्मेंस।
नुकसान: लो-स्पीड में झटके, ज्यादा मेंटेनेंस और कम रिलायबिलिटी।
5. ऑटोमेटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT): बजट सेगमेंट का फेवरिट
Ferrari ने इसे 1997 में अपनी कारों में पहली बार इस्तेमाल किया।
• इसमें मैनुअल गियरबॉक्स होता है लेकिन क्लच ऑपरेशन कंप्यूटर करता है।
फायदे: किफायती, आसान मेंटेनेंस, अच्छी एफिशिएंसी।
नुकसान: गियर शिफ्टिंग में जर्क और डिले, औसत परफॉर्मेंस।
6. इंटेलिजेंट मैनुअल ट्रांसमिशन (IMT): लेटेस्ट और ट्रैफिक-फ्रेंडली
• इसमें मैनुअल गियरबॉक्स तो रहता है लेकिन क्लच पैडल नहीं होता।
• क्लच को कंप्यूटर ऑटोमैटिकली कंट्रोल करता है।
फायदे: ट्रैफिक में आराम, मैनुअल जैसी एफिशिएंसी, कम कॉस्ट।
नुकसान: शिफ्टिंग में हल्का लैग, सीमित कारों में उपलब्ध।
कौन-सा ट्रांसमिशन कितने में पड़ता है?
कॉस्ट और परफॉर्मेंस तुलना:
- MT: सबसे सस्ता, सबसे भरोसेमंद
- AMT/IMT: किफायती और आसान
- CVT/AT: ज्यादा स्मूथ पर महंगे
- DCT: सबसे तेज पर सबसे महंगा और कम रिलायबल
Automatic vs manual know which transmission is right for you before buying a car
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Mumbai HSC Result 2026: 90.08% छात्र-छात्राएं पास, लड़कियों ने फिर एक बार मारी छलांग
May 03, 2026 | 08:59 AMJyeshtha Month : ज्येष्ठ माह के पहले रविवार को कर लें ये काम, सूर्यदेव छप्पर फाड़ कर देंगे यश-वैभव!
May 03, 2026 | 08:57 AMनागपुर में सनसनी: नशे में धुत प्रेमी ने चाकू से प्रेमिका की हत्या, पुलिस हिरासत में आरोपी
May 03, 2026 | 08:52 AMदिल्ली के शहादरा में बड़ा हादसा, घर में लगा AC फटा, 9 लोगों की दर्दनाक मौत
May 03, 2026 | 08:46 AMUddhav Thackeray Slams Bachchu Kadu: महाराष्ट्र राजनीति गरमाई, बच्चू कडू को MLC टिकट पर उद्धव का तीखा हमला
May 03, 2026 | 08:45 AM3 मई और 3 दिग्गज मुख्यमंत्री! अशोक गहलोत, उमा भारती और रघुवर दास का जन्मदिन आज; समर्थकों से मांगा ये खास तोहफा
May 03, 2026 | 08:44 AMHSC रिजल्ट 2026: नागपुर विभाग भले पीछे, लेकिन सिटी टॉपर्स ने 97%+ अंकों से रचा सफलता का नया इतिहास
May 03, 2026 | 08:28 AMवीडियो गैलरी

पवन खेड़ा को मिली अग्रिम जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाई कोर्ट का आदेश, जानें पूरा मामला
May 02, 2026 | 02:41 PM
आज ममता दीदी का चेहरा देखा क्या? बीजेपी सांसद ने सीएम पर कसा तंज, कहा- बंगाल के लोगों ने ही किया खेला
May 02, 2026 | 02:28 PM
MP Police का ‘सिंघम’ अवतार: नाबालिग से हैवानियत करने वालों को पुलिस ने पट्टा पहनाकर शहर में घुमाया
May 02, 2026 | 02:00 PM
‘खुशबू को बड़े सपने देखना सिखाएंगे’, इंटर्न वकील के प्रयास ने बदली चाय बेचने वाली बच्ची की किस्मत, देखें VIDEO
Apr 30, 2026 | 11:33 PM
Exclusive: सुरंगों का राजा है मुंबई-पुणे ‘मिसिंग लिंक’! डॉ. गायकवाड़ ने इसे बताया अपना सबसे बड़ा माइलस्टोन
Apr 30, 2026 | 10:10 PM
जबलपुर में कोहराम! बरगी डैम में पर्यटकों से भरा क्रूज पलटा, 5 की मौत, कई लापता; देखें दिल दहला देने वाला VIDEO
Apr 30, 2026 | 09:55 PM














