-
शुक्र, 24 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- India »
- India Will Now Easily Destroy Enemy Drones And Missiles
भारत अब आसानी से तबाह करेगा दुश्मन के ड्रोन्स-मिसाइल, जर्मनी से खरीदेगा ओरलिकॉन स्काईशील्ड सिस्टम
- Written By: रंजन कुमार
Oerlikon Skyshield: ओरलिकॉन स्काईशील्ड जैसे एयर डिफेंस सिस्टम ड्रोन हमलों के सामने भारतीय सेना को अभेद्य सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा फैसला है।

ओरलिकॉन स्काईशील्ड सिस्टम। इमेज-एआई
Oerlikon Skyshield: सैन्य संघर्षों में ड्रोन हमलों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही। इसी क्रम में शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (SHORAD) के लिए जर्मनी की कंपनी का ओरलिकॉन स्काईशील्ड (Oerlikon Skyshield) सिस्टम प्रमुख दावेदार के रूप में सामने आया है। यह प्रणाली 5 किलोमीटर की रेंज में दुश्मन के ड्रोन्स, मिसाइल, हेलीकॉप्टर और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले फाइटर जेट्स को तबाह करने की अभूतपूर्व क्षमता रखती है।
आधुनिक युद्ध में ड्रोन और कम ऊंचाई वाली मिसाइलें बड़ा खतरा बन गई हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना ने 300-600 ड्रोन भारतीय सीमा में भेजे थे। उन्हें भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया था। इस अनुभव ने भारत को एयर डिफेंस को अपग्रेड करने की तत्काल जरूरत महसूस कराई है। भारत इजरायल के आयरन डोम और अमेरिका के गोल्डन डोम की तर्ज पर स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम सुदर्शन चक्र विकसित कर रहा। साथ ही भारत तत्काल जरूरत को पूरा करने के लिए ओरलिकॉन स्काईशील्ड जैसे मॉडर्न विदेशी सिस्टम की तलाश में है।
ओरलिकॉन स्काईशील्ड की क्षमता
ओरलिकॉन स्काईशील्ड को हर मौसम में काम करता है। यह तेजी से तैनाती को डिजाइन किया गया है। इसे ट्रक और कंटेनर पर कम समय में तैनात किया जा सकता है। इसका मॉड्यूलर डिजाइन इसे परिस्थिति के अनुसार जोड़ने और हटाने में बेहद आसान बनाया है। यह जंग के लिए अत्यधिक लचीला है। इसका ओपन आर्किटेक्चर इसे भविष्य में भारत की अपनी मिसाइलों जैसे आकाश-NG या QRSAM के साथ आसानी से इंटीग्रेट करने में मदद करेगा। इससे रक्षा की एक मजबूत, दोहरी परत तैयार होगी। सबसे बड़ी खूबी एडवांस्ड हिट एफिशियंसी डिस्ट्रक्शन (AHEAD) टेक्नोलॉजी है। इसमें गन से निकली गोलियां हवा में लक्ष्य के पास जाकर फटती हैं। टंगस्टन के छोटे-छोटे टुकड़े छोड़ती हैं। ये छोटे टुकड़े तेज रफ्तार से हवा के बीच में ड्रोन या क्रूज मिसाइल के अहम हिस्सों को चीरते हैं। यह तकनीक माइक्रो ड्रोन्स पर भी 90% से ज्यादा सफलता दर रखती है। इन पर सामान्य गोलियां असर नहीं करतीं।
सम्बंधित ख़बरें
इतिहास के सबसे बड़े रक्षा बजट के साथ सामने आया अमेरिका का गेम प्लान; आखिर किस बात का है डर?
Assam Flood: असम में सेना ने तेज किया राहत और बचाव अभियान, 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया
Assam Floods: असम में बाढ़ से हालात बेहद खराब, अब तक 5 की मौत और 3.63 लाख लोग प्रभावित
सुप्रिया सुले ने राजनाथ सिंह के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, दलबदल की अटकलों के बीच VIDEO देख उलझन में पड़े नेटीजन्स
1 मिनट में 1 हजार गोलियां दागने की क्षमता
इसमें 35 एमएम रिवॉल्वर गन Mk3 की दो गन लगी हैं। यह हर मिनट में 1,000 तक गोलियां दाग सकती हैं। गन पूरी तरह से ऑटोमैटिक हैं। बिना किसी सैनिक की मदद के लक्ष्य को नष्ट कर सकती हैं।
यह भी पढ़ें: रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों से कीव में तबाही, 6 की मौत, शांति वार्ता के बीच युद्ध और भड़का
50 किलोमीटर दूर से खतरों का लगाएगा पता
इसमें VSHORAD मिसाइल सिस्टम को आसानी से जोड़ा जा सकता है। यह सुविधा कम दूरी की मिसाइलों जैसे-आकाश-NG या QRSAM के साथ मिलकर मजबूत लेयर्ड डिफेंस बनाएगी। मानवरहित सर्च एंड ट्रैकिंग सेंसर यूनिट 360 डिग्री पर निगरानी रखती है। 50 किलोमीटर दूर से खतरों का पता लगा सकती है। यह सिस्टम X-TAR3D रडार पर आधारित कमांड पोस्ट से संचालित होता है। यह रडार, कैमरा-सेंसर और अन्य सूचनाओं के आधार पर 10 सेकंड में लक्ष्य को मारने का निर्णय ले सकता है।
India will now easily destroy enemy drones and missiles
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
इंदौर में अवैध संबंध का खूनी अंत: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की कराई हत्या, दोनों गिरफ्तार
Jul 24, 2026 | 01:06 PMलगातार दूसरे दिन बंद हाईवे, बारिश-भूस्खलन के चलते अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा स्थगित
Jul 24, 2026 | 01:06 PM‘एक वृक्ष मां के नाम’ अभियान को मिला जनसमर्थन, मथुरा में 21 पौधों का रोपण कर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
Jul 24, 2026 | 01:03 PMवर्धा में वंचित बहुजन आघाड़ी का विरोध प्रदर्शन, छात्रों को न्याय दिलाने सड़कों पर उतरे सामाजिक-राजनीतिक संगठन
Jul 24, 2026 | 12:58 PMमुंबई के शताब्दी अस्पताल में सितंबर से शुरू होगा कीमोथेरेपी वार्ड, कैंसर मरीजों को बड़ी राहत
Jul 24, 2026 | 12:50 PMभारतीय रेलवे की नई पहल: टिकट जांच के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनेंगे टीटीई, विवादों और शिकायतों पर लगेगी लगाम
Jul 24, 2026 | 12:44 PMLock Upp 2: ‘गौरव से अच्छा मेरा कुत्ता…’ आकांक्षा चमोला के बयान पर भड़के नेटिजन्स, सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल
Jul 24, 2026 | 12:43 PMवीडियो गैलरी

1975 की तरह बर्बाद न करें करियर…BJP की छात्रों को नसीहत, बोली- जंतर-मंतर छोड़ पढ़ाई पर ध्यान दो; देखें VIDEO
Jul 23, 2026 | 10:48 PM
छोड़ना है तो अभी छोड़ो…मुंबई की सड़कों पर पुलिस से अकेले भिड़ गई ये एक्ट्रेस, Video वायरल
Jul 23, 2026 | 10:16 PM
भगत सिंह की राह पर युवा! पेपर लीक पर भड़का छात्र, कलेक्ट्रेट में फोड़ा बम, VIDEO वायरल
Jul 23, 2026 | 09:52 PM
29 साल पहले पेपर लीक के खिलाफ थे धर्मेंद्र प्रधान फिर आज उन्हीं पर सवाल क्यों? VIDEO
Jul 23, 2026 | 07:51 PM
200% तक टैरिफ, डोनाल्ड ट्रंप का सख्त ऐलान, क्या अमेरिका में महंगी होंगी भारतीय दवाएं- VIDEO
Jul 23, 2026 | 02:40 PM
फास्ट-ट्रैक कोर्ट समस्या का हल नहीं! PM मोदी के पोस्ट पर भड़के आशुतोष रांका! धरने से हटने की एक ही शर्त
Jul 23, 2026 | 02:03 PM














