

Maharashtra Class 12 Results: महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा शनिवार को 12वीं का परिणाम आनलाइन पद्धति से घोषित किया गया। इस बार नागपुर विभाग ने राज्यभर के कुल परिणाम में निराश किया है। लेकिन सिटी के विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और परिश्रम के दम पर बेहतरीन अंक हासिल किये।
तीनों संकायों में आरुषि बारापात्रे, आर्या रकतसिंगे, शानवी खंडाइत, कुंज बैस अव्वल रही। विज्ञान संकाय में सोमलवार निकालस हाईस्कूल की आरुषि बारापात्रे ने 97.83 फीसदी अंक प्राप्त किये।
एमकेएच संचेती पब्लिक स्कूल एंड जूनियर कालेज के सागर कारीकर ने 97.17 फीसदी और संताजी महाविद्यालय की मधुरा दाणी ने 96.82 फीसदी अंक प्राप्त किये। इनके अलावा सेंट पॉल हाईस्कूल के आर्या कुमार नील ने 95 फीसदी, श्री कान्वेंट के सीहहम कुर्वे ने 94.80 फीसदी और शिवाजी विज्ञान महाविद्यालय के प्रशांत शाहू ने 94 फीसदी अंक प्राप्त किये।
इसी तरह वाणिज्य शाखा में श्रीमती सीबी आदर्श विद्या मंदिर हाईस्कूल व कनिष्ठ महाविद्यालय की आर्या रकतसिंगे ने 96.17 फीसदी, जीएस कालेज की शानवी खंडाइत ने 96.17 फीसदी, डा. आंबेडकर महाविद्यालय, दीक्षाभूमि की अतिथि शेंडे ने 96 फीसदी आदर्श विद्या मंदिर की अक्षरा जायसवाल ने 95.83 फीसदी अंक प्राप्त कर सिटी में अपना स्थान बनाया। इनके अलावा सेंट पॉल स्कूल की पलक दुबे ने 95.33 फीसदी अंक हासिल कर अपनी श्रेष्ठता को साबित किया।
कला शाखा में हिस्लाप कालेज की कुंज बैस के 95 फीसदी, आदर्श विद्या मंदिर की नंदिनी खापरगड़िया ने 94.17 फीसदी, आरएस मुंडले महाविद्यालय की निर्माहिी चेंडके ने 90.83 फीसदी, महिला बिंझानी कनिष्ठ महाविद्यालय की ख्वाहिश नागवानी ने 90.50 फीसदी, आरएस मुंडले के नयन माटे ने 90.17 फीसदी अंक हासिल किये। इसी तरह अवनी मुंगलीकर 89.50 फीसदी, एलईडी महाविद्यालय की लक्ष्मी वर्मा को 89.33 फीसदी अंक मिले।
इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम में कुल सफलता प्रतिशत में गिरावट के साथ-साथ टॉपर्स के अंकों में भी कमी देखने को मिली है। जहां आमतौर पर टॉपर्स के बीच 98 से 99 प्रतिशत अंकों की होड़ रहती थी, वहीं इस बार टॉप स्कोर 97 प्रतिशत तक सीमित रहा।
इसके बावजूद नागपुर विभाग में लड़कियों का दबदबा कायम रहा। इस वर्ष भी लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया, जहां उत्तीर्ण छात्राओं की संख्या छात्रों की तुलना में करीब ४ प्रतिशत अधिक रही।
विशेष बात यह है कि टॉपर्स की सूची में भी लड़कियों का वर्चस्व देखने को मिला। विज्ञान संकाय में एकमात्र छात्र को छोड़कन सभी टॉपर्स छात्राएं ही है, जो उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को दर्शाता है।