बिलासपुर में सरकारी नौकरियों के लिए युवाओं का महाआंदोलन।
एसआई भर्ती और रिजल्ट में गड़बड़ी के खिलाफ हल्ला।
छत्तीसगढ़ में आरक्षण और परीक्षा तारीखों पर बढ़ा विवाद।
युवाओं ने सरकार से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग की।
Chhattisgarh Student Protest Bilaspur : छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों के इंतजार से परेशान युवा अब सड़कों पर उतरने लगे हैं। बिलासपुर में हजारों अभ्यर्थी एक बड़ी महारैली में शामिल हो रहे हैं। इस पैदल मार्च में करीब चार से पांच हजार विद्यार्थियों के जुटने की उम्मीद है। गांधी चौक से शुरू होकर यह मार्च नेहरू चौक तक जाएगा। युवा भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और लंबित परीक्षाओं की तारीख घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि साल 2024 से आवेदन करने के बाद भी मुख्य परीक्षा को लेकर स्पष्टता नहीं है। परीक्षा की तारीख दो बार बदली जा चुकी है लेकिन नई तारीख अब तक सामने नहीं आई है। इससे युवाओं की तैयारी और भविष्य दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
अभ्यर्थियों ने सीजीपीएससी की मुख्य परीक्षा और कॉपियों के मूल्यांकन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मूल्यांकन में अनियमितताएं हुई हैं जिससे योग्य युवाओं को मौका नहीं मिला। मांग की जा रही है कि मुख्य परीक्षा को साल 2012 की तर्ज पर वस्तुनिष्ठ पैटर्न यानी ऑब्जेक्टिव पैटर्न में कराया जाए। इससे मूल्यांकन में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिल सकती है।
प्रदेश में आरक्षण का मुद्दा भी इस आंदोलन के केंद्र में बना हुआ है। कानूनी और नीतिगत अनिश्चितता के कारण भर्तियों में लगातार देरी हो रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार को आरक्षण विवाद का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। बिलासपुर प्रदर्शन के बाद युवा रायपुर में मंत्री बंगले का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं।