India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील का पहला चरण फाइनल, पीयूष गोयल ने दिया बड़ा अपडेट

India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पहले चरण को अंतिम रूप दे दिया गया है और कानूनी ड्राफ्टिंग जारी है। पीयूष गोयल ने भारत-न्यूजीलैंड FTA और EU ट्रेड डील पर भी अपडेट दिया।
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयलSource- Social Media
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Highlights

  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने का पीयूष गोयल का दावा।

  • भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने की जानकारी।

  • भारत-EU ट्रेड डील को दिसंबर 2026 तक अंतिम रूप देने की उम्मीद।

Piyush Goyal on India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को अंतिम रूप दे दिया गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि समझौते की अंतिम कानूनी ड्राफ्टिंग चल रही है। भारत की कोशिश है कि इसे जल्द अंतिम रूप देकर लागू किया जाए और दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले भारतीय कारोबार को बेहतर स्थिति मिल सके।

पीयूष गोयल ने दिल्ली में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों पर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में नौ व्यापार समझौतों को आकार दिया गया है। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर से लागू होगा, जबकि यूरोपीय संघ (EU) के साथ समझौते को दिसंबर में अंतिम रूप दिए जाने और अगले साल फरवरी-मार्च तक लागू किए जाने की उम्मीद है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या बोले पीयूष गोयल?

पीयूष गोयल के मुताबिक, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के पहले चरण की प्रमुख प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब कानूनी मसौदे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समझौते को जल्द पूरा कर लागू किया जा सकेगा।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी बातचीत को लेकर सकारात्मक रुख जताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चर्चा सही दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौते को लेकर अच्छी स्थिति है।

राजेश अग्रवाल के अनुसार, अमेरिकी व्यापार कानून के सेक्शन 301 के तहत चल रही जांच के नतीजे भी आगे की बातचीत को प्रभावित कर सकते हैं। जांच की ड्राफ्ट रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद टैरिफ से जुड़े कुछ पहलुओं पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

भारत टैरिफ में स्थिरता चाहता है

वाणिज्य सचिव ने बताया कि भारत व्यापार समझौते में टैरिफ को लेकर स्थिरता चाहता है। दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी है और बातचीत के दौरान कई जटिलताएं कम हुई हैं।

भारत ने गैर-बाजार ताकतों के कारण पैदा होने वाली अतिरिक्त उत्पादन क्षमता पर भी चिंता जताई है। भारत का मानना है कि ऐसी स्थिति वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती है। यह मुद्दा G20 के एजेंडे में भी शामिल रहा है।

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इसके अलावा, रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े अमेरिकी कानून को लेकर भी अधिक स्पष्टता का इंतजार है। भारत चाहता है कि व्यापार समझौते को जल्द पूरा किया जाए, लेकिन इसके साथ ही भारतीय कारोबार और संवेदनशील क्षेत्रों के हितों का ध्यान रखा जाए।

20 अक्टूबर से लागू होगा भारत-न्यूजीलैंड FTA

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। दोनों देशों ने समझौते की पुष्टि प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके लागू होने से भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है।

समझौते के तहत भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को न्यूजीलैंड में पहले दिन से शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे कपड़ा, चमड़ा, जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि प्रसंस्करण और अन्य क्षेत्रों के कारोबार को फायदा मिलने की संभावना है।

दिसंबर में भारत-EU ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की उम्मीद

वाणिज्य मंत्री के अनुसार, यूरोपीय संघ के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते को दिसंबर 2026 में अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके फरवरी-मार्च 2027 तक लागू होने की संभावना जताई गई है।

यह समझौता यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है। इससे भारतीय कंपनियों के लिए यूरोपीय बाजार में कारोबार और निर्यात के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

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2047 तक विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

पीयूष गोयल ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा। इसके लिए समाज के हर वर्ग को योगदान देना होगा।

उन्होंने कहा कि चुनौतियों से बचने के बजाय उनकी जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी। बड़े लक्ष्य तय करना और उन्हें हासिल करने की महत्वाकांक्षा आधुनिक भारत की पहचान बन रही है। गोयल के अनुसार, यही सोच वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका को मजबूत कर सकती है।

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