

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों ने न्याय मार्च निकाला।
गांधी चौक पर जुटे युवाओं ने CGPSC और CGSSB भर्तियों की मांग उठाई।
छात्रों ने मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
पुलिस भर्ती की दूसरी सूची और शिक्षक भर्ती पर भी आवाज उठाई गई।
युवा लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
Bilaspur Students Protest Against CGPSC : बिलासपुर में इन दिनों सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा साफ नजर आ रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर छात्रों ने सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। गांधी चौक पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इकट्ठा हुए और न्याय मार्च निकाला। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य शासन और प्रशासन तक अपनी बातें पहुंचाना है।
युवाओं का कहना है कि वे सालों तक कड़ी मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता होना बहुत जरूरी है। छात्रों ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC)और छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका मानना है कि सही समय पर निर्णय न होने से छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाता है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रमुखता से मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। अभ्यर्थियों का तर्क है कि इससे उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने का मौका मिलेगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती की दूसरी सूची जल्द जारी करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई। पुलिस भर्ती के आवेदक आगे की कार्रवाई और चयन प्रक्रिया को लेकर पूरी स्पष्टता चाहते हैं।
इस न्याय मार्च में शिक्षक भर्ती परीक्षा से जुड़े मामलों को भी उठाया गया। छात्रों ने कहा कि शिक्षा विभाग और अन्य भर्तियों के मामलों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। युवाओं का यह भी कहना है कि लंबित मुद्दों के जल्द समाधान से तैयारी कर रहे लाखों छात्रों को मानसिक राहत मिलेगी। अब सभी की निगाहें संबंधित विभागों के आगामी और जरूरी निर्णयों पर टिकी हुई हैं।