Dushyant Gautam’s Appointment: अंकिता भंडारी मामले में कांग्रेस परिवार के साथ धरने पर बैठी है। इसी बीच CWC सदस्य गुरदीप सप्पल ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में राज्यपाल दुष्यंत गौतम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने CBI जांच के बावजूद राज्यपाल बनाए जाने को गलत बताया। उनके बयान से उत्तराखंड की राजनीति में यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि दुष्यंत गौतम, जो अंकिता भंडारी हत्या और बलात्कार मामले से जुड़े हुए है, उसे राज्यपाल का सम्मानित पद कैसे मिल सकता है। इसी को लेकर यह मामला अंकिता के माता-पिता और उनकी इच्छा से जुड़ा है। उनकी मांग साफ है: वे राष्ट्रपति से मिलना चाहते हैं और दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के तौर पर हुई नियुक्ति को रद्द करने की मांग करना चाहते हैं, जिसे राष्ट्रपति ने ही मंजूरी दी थी। विडंबना यह है कि जिस व्यक्ति पर आरोप हैं। जिसे उत्तराखंड के लोग ‘VIP’ के रूप में जानते हैं और जो अंकिता भंडारी हत्याकांड के सिलसिले में कथित तौर पर CBI की जांच के दायरे में है। वह राज्यपाल के आवास की सुख-सुविधाओं का आनंद लेगा, जबकि अंकिता के माता-पिता को सुबह 4 बजे पुलिस हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया।