

पूरी तरह से डिजिटल e-OCI कार्ड हुआ लॉन्च
पासपोर्ट बदलने पर बार-बार ओसीआई री-इश्यू खत्म
नया पासपोर्ट मिलने के 90 दिनों में अपडेट अनिवार्य
भारत में दोहरी नागरिकता की नहीं है अनुमति
बायोमेट्रिक डेटा से मिलेगी फास्ट-ट्रैक इमीग्रेशन सुविधा
क्या है OCI कार्ड और कब हुई इसकी शुरुआत?
OCI Card Application Process: आमिर खान के भांजे और अभिनेता इमरान खान OCI कार्डधारक हैं। वे अपनी एक छोटी सी गलती के कारण कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। मुंबई पुलिस और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय ने उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया है। यह कार्रवाई इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के नियमों के उल्लंघन के तहत की गई है।
इनके खिलाफ कार्रवाई होने के बाद OCI कार्डधारकों को देश में मिलने वाली सुविधा पर चर्चा होने लगी है। साथ ही उसके दुरुपयोग पर होने वाली कार्रवाई के बारे में लोग जानना चाह रहे हैं। तो आइए विस्तार से समझते हैं कि ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ इंडिया कार्ड योजना क्या है और देश में ऐसे लोगों को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं। साथ ही साथ ये जानने की कोशिश करेंगे कि सरकार ने इसमें क्या-क्या बदलाव करके योजना को सुधारने की कोशिश की है।
ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) योजना भारत सरकार द्वारा अगस्त 2005 में नागरिकता अधिनियम 1955 में संशोधन करके शुरू की गई थी। इसके तहत पहला ओसीआई कार्ड 9 जनवरी 2006 को प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर जारी किया गया था। हाल ही में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने 30 जून 2026 को पूरी तरह डिजिटल ई-ओसीआई (e-OCI) कार्ड लॉन्च किया है।
गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 के तहत कई बड़े बदलाव किए गए हैं...
पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया: ओसीआई पंजीकरण, नवीनीकरण और कार्ड त्यागने (Renunciation) के सभी काम अब पूरी तरह डिजिटल होंगे। कागजी प्रतियों को दो-दो बार जमा करने का नियम खत्म कर दिया गया है।
90 दिनों की समय-सीमा: नया विदेशी पासपोर्ट जारी होने के बाद 3 महीने (90 दिन) के भीतर ऑनलाइन विवरण अपडेट करना अनिवार्य है।
बार-बार री-इश्यू से मुक्ति: अब हर बार नया पासपोर्ट मिलने पर ओसीआई कार्ड को फिर से जारी कराने या वीएफएस (VFS) अपॉइंटमेंट की झंझट खत्म हो गई है।
बायोमेट्रिक डेटा और इमीग्रेशन: तेज यात्रा के लिए बायोमेट्रिक डेटा साझा करना होगा, जिसे फास्ट-ट्रैक इमीग्रेशन से जोड़ा गया है।
संशोधित शुल्क: 1 अप्रैल 2026 से ओसीआई सेवाओं और डुप्लिकेट कार्ड के शुल्कों में संशोधन लागू किया गया है।
भारत का संविधान दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है। यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता अपने आप समाप्त हो जाती है। इसके बाद वे भारत में रहने, आने-जाने और काम करने के लिए ओसीआई कार्ड ले सकते हैं, जो एक आजीवन वीजा की तरह काम करता है।
आपको बता दें कि अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और जून 2024 से जर्मनी जैसे दुनिया के लगभग 49% देश दोहरी नागरिकता की अनुमति देते हैं, जबकि भारत, चीन और जापान में इस पर रोक है।
अगर आप ओसीआई कार्ड के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो इन तीन आसान चरणों में प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं.....
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: आधिकारिक 'Online OCI Services' पोर्टल पर जाकर 'New OCI Registration' चुनें। अपनी जानकारी भरें, सफेद बैकग्राउंड वाला फोटो और डिजिटल सिग्नेचर अपलोड करें।
कागजात तैयार करें: वर्तमान विदेशी पासपोर्ट, पुराना भारतीय पासपोर्ट या सरेंडर सर्टिफिकेट, भारतीय मूल का प्रमाण और एड्रेस प्रूफ की सेल्फ-अटेस्टेड प्रतियां तैयार रखें।
फीस और सबमिशन: निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। इसके बाद फॉर्म और दस्तावेज भारतीय दूतावास , उच्चायोग या VFS केंद्र पर जमा करें। 12 साल से अधिक उम्र के आवेदकों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए खुद जाना होता है।