यमन में सऊदी-UAE के बीच आर-पार की जंग! गवर्नर ने किया 'प्रॉक्सी वॉर' के अंत का ऐलान, हिल गया अरब जगत

Saudi UAE Conflict: यमन में सऊदी और UAE के बीच लंबे समय से चली आ रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। सैन्य ठिकाने खाली कराने के ऐलान के बाद सऊदी-यूएई प्रॉक्सी टकराव तेज दिख रहा है।
All-out war between Saudi Arabia and the UAE in Yemen! The governor declares an end to the 'proxy war,' shaking the Arab world.
सऊदी और UAE संकट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Middle East News In Hindi: यमन के हद्रामौत प्रांत में सऊदी अरब समर्थित सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसे सीधे तौर पर UAE के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हद्रामौत के गवर्नर सालेम अहमद सईद अल-खुन्बाशी ने घोषणा की है कि वे प्रांत में STC के कब्जे वाले सैन्य ठिकानों को वापस लेने के लिए एक ऑपरेशन शुरू कर रहे हैं।

हालांकि गवर्नर ने इसे एक 'शांतिपूर्ण ऑपरेशन' करार दिया है लेकिन जानकारों का मानना है कि यह सऊदी और यूएई के बीच छिपे हुए प्रॉक्सी संघर्ष का अब खुलकर सामने आना है।

होमलैंड शील्ड फोर्सेज को मिले असीमित अधिकार

इस सैन्य हलचल के बीच, सऊदी समर्थित यमन सरकार ने गवर्नर अल-खुन्बाशी को 'होमलैंड शील्ड फोर्सेज' का पूर्ण सैन्य, सुरक्षा और प्रशासनिक अधिकार सौंप दिया है। यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले महीने ही STC ने दक्षिणी यमन के बड़े हिस्सों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था जिसे सऊदी अरब ने अपनी और यमन सरकार की संप्रभुता के लिए खतरे के रूप में देखा। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य प्रांत में कानून-व्यवस्था बहाल करना और सैन्य ठिकानों को आधिकारिक सरकार के नियंत्रण में लाना है।

सऊदी-यूएई क्यों पड़ी दरार?

दोनों खाड़ी देशों के बीच दरार उस समय और गहरी हो गई जब पिछले हफ्ते यूएई ने यमन से अपनी बची-खुची सेना हटाने का अचानक फैसला किया। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सऊदी अरब के उस कड़े दबाव के बाद आया जिसमें उसने यूएई से 24 घंटे के भीतर अपने सैनिक हटाने की मांग की थी। दिसंबर से ही दोनों देशों के बीच मतभेद गहराने लगे थे लेकिन अब हालात सैन्य टकराव की स्थिति तक पहुंच गए हैं।

एडन एयरपोर्ट पर तनाव

एडन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी देखने को मिली। सऊदी अरब के राजदूत मोहम्मद अल-जाबेर ने आरोप लगाया कि STC प्रमुख ऐदारूस अल-जुबैदी ने उस विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी, जिसमें सऊदी प्रतिनिधिमंडल सवार था।

इसके बाद एयरपोर्ट पर परिचालन ठप हो गया। जहां सऊदी इसे बातचीत में बाधा मान रहा है वहीं STC नियंत्रित परिवहन मंत्रालय का आरोप है कि सऊदी अरब ने ही हवाई नाकेबंदी कर दी है। यह घटनाक्रम स्पष्ट करता है कि यमन में अब केवल विद्रोहियों से लड़ाई नहीं रह गई है, बल्कि यह क्षेत्र के दो सबसे शक्तिशाली देशों के बीच वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है।

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