तुर्किए की राजधानी अंकारा में हुआ आंतकी हमला क्यों है मुंबई के 26/11 की तरह? जानें कारण

सबसे पहले मुंबई बंदरगाह इलाके के मझगांव में और विले पार्ले में एक टैक्सी में भी विस्फोट हुआ था। 28 नवंबर की सुबह तक, ताज होटल को छोड़कर सभी स्थानों को मुंबई पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित कर लिया गया था।
तुर्किए की राजधानी अंकारा में हुआ आंतकी हमला क्यों है मुंबई के 26/11 की तरह? जानें कारण
यह विस्फोट तुर्की की सबसे महत्वपूर्ण रक्षा और विमानन कंपनियों में से एक TUSAS के मुख्यालय में हुआ
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नई दिल्ली: तुर्की की राजधानी अंकारा में बुधवार को हुए हमले में दस लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। इसके अलावा आतंकियों ने कई लोगों को बंधक भी बना लिया। यह विस्फोट तुर्की की सबसे महत्वपूर्ण रक्षा और विमानन कंपनियों में से एक TUSAS के मुख्यालय में हुआ। हमले के बाद लोग इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं, सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

तुर्किये में हुए आतंकवादी हमले की तुलना 26/11 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले से की गई है। नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में कुल 175 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक घायल हुए थे। लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किए गए इस हमले में नौ आतंकवादी शामिल थे। बुधवार, 26 नवंबर, 2008 से शनिवार, 29 नवंबर, 2008 तक आतंकवादियों ने मुंबई में कहर बरपाया। आतंकवादियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल, ट्राइडेंट टॉवर, ताज महल पैलेस और टॉवर होटल, लियोपोल्ड कैफे, कामा अस्पताल, नरीमन हाउस, मेट्रो सिनेमा और टाइम्स ऑफ इंडिया बिल्डिंग पर हमला किया, जबकि सेंट जेवियर यूनिवर्सिटी की एक गली पर भी हमला किया था।

ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो किया शुरू

Mumbai 26/11 Attacks
तुर्किये में हुए आतंकवादी हमले की तुलना 26/11 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले से की गई है।

सबसे पहले मुंबई बंदरगाह इलाके के मझगांव में और विले पार्ले में एक टैक्सी में भी विस्फोट हुआ था। 28 नवंबर की सुबह तक, ताज होटल को छोड़कर सभी स्थानों को मुंबई पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित कर लिया गया था। 29 नवंबर को, राष्ट्रीय सुरक्षा सेवा (एनएसजी) ने शेष हमलावरों को बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो शुरू किया, जिसका समापन ताज होटल में बचे हुए अंतिम हमलावरों की मौत हुई। इस हमले में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया था। बाद में उसे फाँसी पर लटका दिया गया।

इस्लामिक स्टेट और वामपंथी

बता दें कि कुर्द उग्रवादियों, इस्लामिक स्टेट और वामपंथी चरमपंथियों ने अतीत में देश में कई हमले किए हैं। तुर्की के आंतरिक मंत्री अली येरलिकाया ने कहा अंकारा में तुर्की एयरोस्पेस इंडस्ट्री (TUSAS) के खिलाफ एक आतंकवादी हमला किया गया था। बता दें कि मुंबई में 26/11 हमलावर पाकिस्तान नियंत्रित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे। पाकिस्तान ने बाद में पुष्टि की कि हमले में जीवित बचा एकमात्र व्यक्ति पाकिस्तानी नागरिक था।

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